बच्चों की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कंचनबाई का त्याग नारी शक्ति, कर्तव्य और मानवता की अमर मिसाल : माया नारोलिया, राज्यसभा सांसद नर्मदापुरम (ईएमएस)। नीमच जिले की मड़ावदा पंचायत के ग्राम रानापुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में घटित अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक घटना ने पूरे प्रदेश को गहरे शोक में डुबो दिया है। आंगनबाड़ी केंद्र में मधुमक्खियों के अचानक हुए हमले के दौरान मासूम बच्चों की रक्षा करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती कंचनबाई जी द्वारा प्रदर्शित साहस, संवेदनशीलता और बलिदान सम्पूर्ण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने इस दुःखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कंचनबाई जी ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए जिस निःस्वार्थ भाव से बच्चों की रक्षा की, वह नारी शक्ति और मातृत्व की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। उन्होंने अपने प्राणों की परवाह किए बिना बच्चों को तिरपाल से ढँककर सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया। इस वीरतापूर्ण प्रयास में वे स्वयं गंभीर रूप से घायल हो गईं और उपचार के दौरान उनका दुःखद निधन हो गया। माया नारोलिया ने कहा कि कंचनबाई जी केवल एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं थीं, बल्कि वे समाज की संवेदनशील प्रहरी थीं। उनका यह सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्य, साहस और सेवा की प्रेरणा देता रहेगा। राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने शासन-प्रशासन से मांग की कि कंचनबाई जी के इस महान बलिदान को सम्मानपूर्वक मान्यता दी जाए तथा उनके शोकसंतप्त परिवार को समुचित आर्थिक सहायता, अनुकंपा नियुक्ति, बच्चों की शिक्षा एवं भविष्य की सुरक्षा हेतु ठोस और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों एवं शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति न हो और महिला कर्मियों एवं मासूम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकसंतप्त परिवार को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इस दुःख की घड़ी में वे पीड़ित परिवार के साथ पूर्ण संवेदना और मजबूती से खड़ी हैं। ईएमएस/राजीव अग्रवाल/05 फरवरी 2026