क्षेत्रीय
07-Feb-2026
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- 25 महिलाओं ने किया संगीतमय मंगलपाठ बिलासपुर (ईएमएस)। श्रद्धा, भक्ति और आस्था के भाव से ओतप्रोत वातावरण में दादी सती महारानी (श्री नारायणी) के पावन चरित्र पर आधारित संगीतमय मंगलपाठ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गणपति वंदना एवं हनुमान, शिव तथा दादी जी के भजनों से हुई, जिससे समूचा परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया।आओ म्हारा दादी जी, टाबरिया बुलावें आओ दादी जी जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। मंगलपाठ के मूल सार में श्री नारायणी के जीवन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा में बताया गया कि महाभारत काल में अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा को श्रीकृष्ण से प्राप्त आशीर्वाद के फलस्वरूप कालांतर में देवसर गांव के निकट गुरसामल जी के घर श्री नारायणी का अवतार हुआ। 13 वर्ष की आयु में उनका विवाह तनधन दास जी से हुआ। मुकलावा से लौटते समय हुए भीषण आक्रमण में पति के वीरगति को प्राप्त होने पर श्री नारायणी ने रणचंडी रूप धारण कर शत्रुओं का संहार किया और बाद में अपने तपोबल से अग्नि प्रज्वलित कर ईश्वर में लीन हो गईं।इसके पश्चात उन्होंने दुर्गा स्वरूप में राणा जी को दर्शन देकर झुन्झुनू में मंदिर निर्माण का आदेश दिया, जहां आज विशाल मंदिर विद्यमान है। कहो हो रे जय-जय सत्राणी की झुन्झुनू वाले की तथा ट्विंकल-ट्विंकल लिटिल स्टार, दादी मेरी सुपर स्टार ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम में अब तक लगभग 125 महिलाओं द्वारा मंगलपाठ किया जा रहा है। कोरबा से पधारी अर्चना अग्रवाल ने संगीतमय मंगलपाठ की प्रस्तुति अत्यंत मधुर एवं भावपूर्ण स्वर में दी, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने खूब सराहा। पूरे आयोजन में दादी सती महारानी के जयकारों से वातावरण गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने मंगलकामना करते हुए सुख-समृद्धि की कामना की। यह आयोजन भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक आस्था का जीवंत उदाहरण बना। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 07 फरवरी 2026