गुना (ईएमएस)। गुना जिले की चाचौड़ा उपजेल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर जेल के भीतर कैदियों के साथ मारपीट का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में चाचौड़ा एसडीएम रवि मालवीय ने संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ कार्यालय को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, घटना के बाद से ही उपजेलर यू.एस. मोहाने जेल से नदारद बताए जा रहे हैं। वीडियो में लाइन में खड़ा कर पीटे जा रहे कैदी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति, जिसे उपजेलर बताया जा रहा है, तीन-चार कैदियों को एक लाइन में खड़ा करके उनके साथ बेरहमी से मारपीट कर रहा है। हालांकि, फुटेज थोड़ा धुंधला (ब्लर) है, लेकिन मारपीट की घटना साफ नजर आ रही है। इस मामले में एसडीएम रवि मालवीय ने बताया कि उन्हें तीन दिन पहले मीडिया के माध्यम से इस वीडियो की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि वीडियो की प्रमाणिकता और समय की जांच के लिए इसे वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है ताकि यह पता चल सके कि असल में किस कारण से कैदियों को इस तरह प्रताड़ित किया जा रहा था। भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के भी लग रहे आरोप एसडीएम रवि मालवीय ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पिछले कुछ समय से उपजेल में कैदियों से पैसों की मांग को लेकर भी लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। ऐसी खबरें हैं कि जेल के भीतर सुविधाओं के नाम पर कैदियों के परिजनों से अवैध वसूली की जा रही थी। अब मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है। जब इस संबंध में उपजेलर यू.एस. मोहाने से चर्चा की गई, तो उन्होंने इसे छह महीने पुराना बताया, जबकि स्थानीय लोगों और अन्य सूत्रों का दावा है कि यह वीडियो महज तीन महीने पुराना है। अधिकारी नदारद, वरिष्ठ कार्यालय को भेजी गई रिपोर्ट मामले की जमीनी हकीकत जानने के लिए जब मीडिया की टीम चांचौड़ा उपजेल पहुँची, तो वहां सन्नाटा पसरा मिला। उपजेलर यू.एस. मोहाने ड्यूटी से गायब पाए गए। बताया जा रहा है कि वे पिछले तीन-चार दिनों से जेल से नदारद हैं और वर्तमान में छुट्टी पर बताए जा रहे हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद और वरिष्ठ कार्यालय से निर्देश मिलते ही संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जेल के भीतर हुई इस अमानवीय घटना ने मानवाधिकारों और जेल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। जिला प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि वीडियो बनाने वाला व्यक्ति कौन था और जेल के संवेदनशील क्षेत्र में मोबाइल कैसे पहुँचा। - सीताराम नाटानी