- पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल- रात्रि को पर्यावरण प्रेमी कर रहे सजावट ब्यावरा(ईएमएस) नगर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनूठी पहल की जा रही है। यहां पर्यावरण प्रेमी पॉलिथीन कचरे का उपयोग करके ईको ब्रिक्स बना रहे हैं। इन ईको ब्रिक्स का इस्तेमाल पार्कों, उद्यानों और सड़कों के किनारे लगे पेड़-पौधों के आसपास आकर्षक क्यारियां बनाने के लिए किया जा रहा है। यह अभियान पॉलिथीन कचरे के निस्तारण के साथ-साथ शहर की सुंदरता भी बढ़ा रहा है। नगर के पर्यावरण प्रेमी अनिल कुशवाह ने इस प्रक्रिया के बारे में बताया। उनके अनुसार, खाली पानी की बोतलों में पॉलिथीन को कसकर भरा जाता है, जिससे वे ठोस ईंटों का रूप ले लेती हैं। इन ईको ब्रिक्स को फिर रंगीन बनाकर मिट्टी की सहायता से पौधों के चारों ओर सुंदर क्यारियां तैयार की जाती हैं। इस कार्य में वरुण खटाना, तरुण सेन, रोहित राव, कान्हा कुशवाह, रवि जाटव, ऋतिक, वरुण, सौरभ, सचिन, अजय, योगेश, संतोष जाटव, अनिला गुजरती, पिंकी दीदी, सुमन कुशवाह, दीपक साहू, अजय तिवारी, गोविन्द कुशवाह, रघुवीर कनेरा और गोलू कुशवाह सहित कई अन्य साथी प्रतिदिन सहयोग कर रहे हैं। ये सभी मिलकर रोजाना एक नया ईको ब्रिक वृक्ष तैयार कर शहर के विभिन्न स्थानों पर क्यारियां बना रहे हैं। यह अभियान लोगों को पर्यावरण संरक्षण और पॉलिथीन के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक करने का भी एक माध्यम है। पॉलिथीन आसानी से नष्ट नहीं होती और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचाती है। ऐसे में इसका पुन: उपयोग सकारात्मक कार्यों में करना एक बेहतर विकल्प साबित हो रहा है। यह पहल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर समाज परिवर्तन के लिए चलाए जा रहे पांच प्रमुख अभियानों में से एक है। इसे विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से शुरू किया गया है। - पार्क में ईको ब्रिक्स से सुंदर क्यारियां तैयार बुधवार रात को पर्यावरण प्रेमियों ने गुना बायपास स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के सामने पार्क में लगे पेड़-पौधों के आसपास आकर्षक क्यारियां बनाईं। रंग-रोगन से सजी ये क्यारियां न केवल स्वच्छता और हरियाली का संदेश दे रही हैं, बल्कि पार्क की सुंदरता में भी वृद्धि कर रही हैं। शहरवासियों से भी इस अभियान में शामिल होने और पॉलिथीन मुक्त पर्यावरण बनाने में सहयोग करने की अपील की जा रही है।-निखिल /ब्यावरा/12/2/2026