- जांच की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन बिलासपुर (ईएमएस)। निजी चिकित्सालयों में आयुष्मान भारत योजना लागू होने के बावजूद आम जनता को उसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। योजना के अंतर्गत इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों से कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने और अतिरिक्त राशि वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इन गंभीर मुद्दों को लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा एवं प्रदेश महासचिव विकास सिंह के नेतृत्व में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा ने कहा कि निजी अस्पतालों द्वारा व्यवसायीकरण करते हुए आपदा को अवसर में बदला जा रहा है और मरीजों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि किन-किन निजी अस्पतालों में कौन-कौन से विशेषज्ञों के माध्यम से आयुष्मान योजना लागू है तथा उसकी जानकारी अस्पताल परिसर में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए। साथ ही ओपीडी और आईपीडी सहित मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों में योजना का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। प्रदेश महासचिव विकास ठाकुर ने आरोप लगाया कि कई अस्पतालों में आयुष्मान योजना लागू होने के बावजूद निर्धारित दर से कहीं अधिक राशि वसूली जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन सेवाओं की दर एक हजार रुपये तय है, उनसे 27 से 28 सौ रुपये तक लिए जा रहे हैं, जिसका उनके पास साक्ष्य मौजूद है। जल्द ही संगठन द्वारा इन साक्ष्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।ज्ञापन सौंपते समय कार्यकर्ताओं ने मांग की कि दोषी अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को आयुष्मान योजना का वास्तविक लाभ मिल सके। मनोज राज 12 फरवरी 2026