जयपुर (ईएमएस)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल प्रशासनिक मॉडल की तर्ज पर प्रदेश में जन-केंद्रित सुशासन का ऐसा मॉडल विकसित किया जाएगा, जो फ्यूचर रेडी, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस वाला, अधिक जवाबदेह तथा आमजन को सशक्त बनाने वाला हो।मुख्य सचिव शासन सचिवालय में ‘विकसित राजस्थान 2047’ के विजऩ के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शासन प्रणाली को अधिक समन्वित एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से गठित सेक्टोरल ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज के ग्रुप 6— शासन एवं प्रोद्यौगिकी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों की दिशा में आगामी तीन माह में कार्यालय प्रक्रिया नियमावली की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए ताकि शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया जा सके। बैठक में वर्ष 2027 तक राज्य की सभी सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्य सचिव ने कहा कि नेक्स्ट जनरेशन एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के तहत केंद्र सरकार की तर्ज पर चिंतन शिविर आयोजित किए जाएं। इनमें न्यायालयीन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण, फाइल मूवमेंट में अनावश्यक विलंब की रोकथाम के लिए हर स्तर पर न्यूनतम समय में निष्पादन/फॉरवर्ड व्यवस्था, इस प्रक्रिया के चरणों को कम से कम करते हुए सुशासन के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं के सरलीकरण तथा सेवा वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाए।मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सफल मॉडल का अनुसरण करते हुए राज्य स्तर पर सेक्टोरल ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज (स्त्रशस्) की अवधारणा लागू की है। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतिपादित जन-केंद्रित सुशासन की भावना से प्रेरित है, जिसमें शासन का केंद्र बिंदु आमजन की आवश्यकताएँ, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं दक्ष सेवा वितरण है। अशोक शर्मा/ 4 बजे/ 13 फरवरी 2026