क्षेत्रीय
13-Feb-2026
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नैनपुर (ईएमएस)। कहते हैं दर्पण कभी झूठ नहीं बोलता, लेकिन मंडला जिले की ग्राम पंचायतें दर्पण को ही झूठा ठहरा रही हैं। पंचायतों ने सरकार के पंचायत दर्पण पोर्टल पर धुंधले और अस्पस्ट बिल अपलोड कर लाखों रुपए का आहरण कर लिया है। धुंधले बिल इसलिए लगाए जा रहे हैं ताकि उसे कोई पढ़ ना सके ना उसकी जांच हो। हमने जब पंचायत दर्पण ऐप के माध्यम से पंचायतों के निर्माण कार्यो के भुगतान की पड़ताल की तो करीब 2 साल में लाखों रुपए निकाल लिए गये है। वहीं सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि पोर्टल पर अपलोड इन बिलों की जांच करने वाला भी कोई नहीं है। जबकि इसकी जिम्मेदारी जनपद पंचायत सीईओ और एएओ की होती है। लेकिन उच्च अधिकारियों का कहना है की निर्माण कार्यों के बिल लगाने से लेकर भुगतान तक के सर्वे सर्वा सरपंच-सचिव ही होते हैं। हमारे हस्ताक्षर के बिना ये पोर्टल पर बिल लगाकर राशि का आहरण कर सकते हैं। शिकायत पर जांच और कार्रवाई करते हैं। मप्र पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का पंचायत दर्पण पोर्टल की सुविधा इसलिए दी है। ऐसी ही एक पंचायत मंडला जिले की जनपद पंचायत नैनपुर की समनापुर है जहा पंचायत दर्पण ऐप को ब्रहस्टाचार का माध्यम बनाया जा रहा है पिछले लंबे समय से बड़ी संख्या मे धुंदले और अस्पस्ट बिल पंचायत दर्पण ऐप मे अपलोड किये हैं। इन बिलों को देखकर साफ प्रतित होता हैं की निर्माण कार्य की जानकारी छुपाने के लिए धुंदले बिल पोर्टल पर अपलोड किये गये हैं इन बिलों मे ना तो निर्माण कार्य की जानकारी दिखाई देती हैं और ना ही कितना भुगतान किया गया। क्या इस तरह सरकार और जनता के बिच पारदर्शिता रह पाएगी। सामनापुर पंचायत द्वारा पोर्टल पे अपलोड किये गये कई बिल इतने धुंदले हैं कि समाग्री का नाम, मूल्य, मात्रा कुछ भी स्पस्ट दिखाई नही देता। जिस ऐप का उद्देश ग्रामीण विकाश की निगरानी और पारदर्शिता था,उसी का उपयोग अब गड़बड़ी छुपाने के लिए किया जा रहा हैं। सामनापुर पंचायत मे इस तरह की गड़बड़ी को आखिर क्यों नजरअंदाज किया जा रहा हैं।कंहा हैं जनपद और जिला पंचायत अधिकारीजनपद सी ई ओ, जिला पंचायत सी ई ओ, और विभागीय मॉनिटरिंग टीमें इन सभी की जिम्मेदारी हैं की वे पंचायत दर्पण ऐप कि रिपोर्ट्स पर नज़र रखें।फिर ऐसी गड़बड़ी कैसे छूठ रही हैं ?क्या यह अधिकारियों कि लापरवाही हैं या फिर पूरा तंत्र इस बड़े भ्रष्टाचार में शामिल हैं ? ईएमएस / 13/02/2026