क्षेत्रीय
13-Feb-2026


धार (ईएमएस)। तीन दिवसीय कृषि मेले के दूसरे दिन कृषि मेले में कृषि मेले में राष्ट्रीय तिलहन मिशन योजना अन्तर्गत श्री ज्ञानसिंह मोहनिया उप संचालक कृषि धार द्वारा तिलहनी फसलों के उत्पादन तकनिक एवं प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं मार्केटिंग की जानकारी प्रदान की एवं कृषकों द्वारा कृषि प्रदर्शिनी से नरवाई प्रबंधन यंत्रों की खरीदी की गई। मेले के तकनिकी सत्र में कृषि वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्रसिंह जादोन कृषि विज्ञान केन्द्र देवास द्वारा मेले में कृषकों को मिट्टी परीक्षण प्रक्रिया मिट्टी नमूना लेना एवं मिट्टी में उपस्थित पौषक तत्वों के बारे में बताया तथा जैविक खाद् उपयोग करने के बारे में बताया गया। डॉ. एस. एस. चौहान वरिष्ठ एवं प्रमुख वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र धार द्वारा कृषकों को फसलों में संतुलित एवं अनुसंशित उर्वरकों के बारे में जागरुक किया गया साथ ही कृषि में जोखिम कम करने के लिए एकिकृत कृषि प्रणाली से अवगत कराया गया। डॉ. डी. एस. मण्डलोई द्वारा उद्यानिकी फसल की उत्पादन, उत्पादकता की जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अमृतलाल बसेडिया द्वारा सोयाबीन फसल में मेड नाली पद्धति से बोनी करने पर अधिक पानी एवं कम पानी में भी फसल को नुकसान नहीं होता है एवं भूमि में नमी बनी रहती है जिससे उत्पादन में भी वृद्धि होती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. नरेश गुप्ता ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती से तिलहनी फसल उगाकर शुद्ध तेल खाद्य पदार्थ में उपयोग की बात कही किसानों द्वारा तिलहनी फसल में विशेषकर सोयाबीन, मुंगफली में कीटनाश का उपयोग बहुतायत में होता है अब परिर्वतन लाये एवं प्राकृतिक तरिके से खेती कर तिलहनी फसलों का गुणवत्ता युक्त उत्पादन ले। श्री विकास चौरसिया प्रबंधक इफकों द्वारा नैनो यूरिया, नैनों डीएपी एवं बायो-डीकम्पोजर का किस प्रकार उपयोग करना है कि विस्तृत जानकारी बताई गई। प्राकृतिक खेती करने वाली महिला कृषक श्रीमति छाया सौलंकी ग्राम अतरसुमा वि.ख. डही द्वारा अपने अनुभव साझा किये और प्राकृतिक खेती से अपने प्राकृतिक उत्पाद बेचकर एक लाख रूपये से भी अधिक आय अर्जित की है समर्थन संस्था एवं आत्मा के माध्यम से चार बायो रिसोर्स सेंटर स्थापित कर 300 से भी अधिक किसानों को जोडकर प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सामान्य वर्ग के लघु सिमान्त कृषक श्री रोशन पिता सुभाष ग्राम ओसरा वि.ख. तिरला द्वारा नरवाई प्रबंधन के लिए कृषि कटाई यंत्र स्ट्रारिपर शासन की ई-कृषि अनुदान पोर्टल कृषि अभियांत्रिकी विभाग अन्तर्गत योजना से पंजीयन कर 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम राशि रु. एक लाख पचास हजार मात्र) की सब्सिडी प्राप्त कर स्ट्रारिपर मेले की प्रदर्शिनी हरिश मशीनरी डिलर से खरीदा गया। कृषकों द्वारा लिये गये ज्ञान के आधार पर वैज्ञानिकों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर कृषकों द्वारा दिया गया जिन्हे पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसी के साथ ही कोरोमंडल कम्पनी एवं आरएमपीसीएल कम्पनी के लक्की ड्रॉ में 05 कृषकों को पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया गया। जिले के विभिन्न क्षेत्रो के लगभग 1000 से भी अधिक कृषक उपस्थित हुए। मुख्य अतिथि एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा जिसका अवलोकन किया गया। कृषि मेले में श्री अशोक डावर सभापती कृषि स्थाई समिति जिला पंचायत धार, कृषि एवं संबंद्ध विभाग, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि अभियांत्रिकी द्वारा उन्नत कृषि यंत्र, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, किसान उत्पादक संगठन, कृषि आदान विक्रेता, उर्वरक, बीज एवं किटनाशक कंपनी एवं डिलर, एन.जी.ओं. एकिकृत किट प्रबंधन संबंधि, एवं बायो एग्री इनपुट प्रोडक्ट संबंधि इस प्रकार कुल 80 से भी अधिक कृषि प्रदर्शिनी लगाई गई। ईएमएस/ 13 फरवरी 2026