क्षेत्रीय
14-Feb-2026
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- फर्जी बिल मामले में न्यायालय में चोरी-चोरी कर रहा था सरेंडर - सीएसईबी पुलिस चौकी के मामले में न्यायालय से लाया गया पुलिस रिमांड पर कोरबा (ईएमएस) कोरबा अंचल पुलिस चौकी सीएसईबी अंतर्गत रसियन हॉस्टल के पास करीब 60 मीटर लंबे लोहे के पुल को काटकर चोरी वाले कथित आरोपी 5000 रुपए के ईनामी कबाड़ी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया हैं। चोरी की घटना प्रकाश में आने के बाद वह फरार हो गया था। उसके अग्रिम जमानत के लिए प्रयास में पुलिस को फरार कथित आरोपी को गिरफ्तार करने का अवसर मिल गया। लोहे का पुल चोरी करने के मामले में पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर जांच किया जा रहा था। पुलिस द्वारा इस मामले में 2 नाबालिग सहित कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। गिरोह का मुख्य सरगना फरार हो गया था। उसकी तरफ से अधिवक्ता अग्रिम जमानत के लिए प्रयासरत रहे। इसी बीच उसके विरुद्ध कोरबा न्यायालय में चल रहे धोखाधड़ी (फर्जी बिल प्रस्तुत करने) के मामले में न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया। अब हालात ऐसे बन गए कि यदि गिरफ्तारी वारंट जारी रहने की स्थिति में अग्रिम जमानत हेतु न्यायालय में आवेदन लगाया जाएगा तो न्यायालय से अग्रिम जमानत मिलना मुश्किल होगा। न्यायालय से जारी गिरफ्तारी वारंट को निरस्त कराना आवश्यक हो गया। न्यायालयीन सूत्र के अनुसार वह भेष बदलकर बदलकर न्यायालय में सरेंडर करवाया गया। उसके अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में समर्पण कर जमानत की मांग की गई। न्यायालय द्वारा उसकी जमानत स्वीकृत कर जमानतदार प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया। इसी बीच न्यायालय में आए हुए उक्त व्यक्ति के किसी शुभचिंतक ने पुलिस को सूचना दे दी। खबर मिलते ही सीएसईबी चौकी प्रभारी व स्टाफ ने न्यायालय के बाहर चारों ओर घेराबंदी कर दी। उसको समझ में आ गया कि जैसे ही न्यायालय के बाहर निकलेगा पुलिस गिरफ्तार कर लेगी, गिरफ्तारी से बचने का कोई उपाय न देख उसके अधिवक्ता ने न्यायालय में जमानतदार प्रस्तुत ही नहीं किया। फलस्वरूप न्यायालय द्वारा कथित आरोपी को जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया गया। जानकारी के अनुसार उसके द्वारा न्यायालय में जमानतदार प्रस्तुत न करने के कारण कथित सुनियोजित आत्मसमर्पण फेल हो जाने उपरांत न्यायालय ने जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया, जिसके कारण सीएसईबी चौकी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई। बाद में विधिक प्रक्रियाओं के तहत कथित आरोपी का प्रोडक्शन वारंट जारी करवा कर उसको सीएसईबी पुलिस ने पुलिस रिमांड पर लेकर फर्जी बिल मामले में जरूरी औपचारिकताएं पूरी की। इसके बाद 12 फरवरी को न्यायालय के द्वारा आरोपी को पुनः जेल भेजने का आदेश जारी किया गया। 14 फरवरी / मित्तल