क्षेत्रीय
15-Feb-2026
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इन्दौर (ईएमएस) लोन कंपनी के जरिए 40 से ज्यादा लोगों से 30 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर और मैनेजर सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपी शगुन आर्केड स्थित क्विकराइट फाइनेंस कंपनी के नाम से फर्जी कार्यालय चला रहे थे। मामला विजयनगर थाना क्षेत्र का है। थाना प्रभारी सीके पटेल के अनुसार विशाल शर्मा निवासी विजयनगर सहित कई पीड़ितों ने क्विक राइट फाइनेंस कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़ितों ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें पांच लाख तक का तत्काल लोन बिना किसी गारंटी के मात्र आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि दस्तावेज प्रस्तुत करने पर प्रदान किया जाएगा लेकिन इसके लिए 20 प्रतिशत मार्जिन मनी एडवांस में जमा करना होगी। पीड़ितों द्वारा अलग-अलग अपनी जरूरत के हिसाब से लोन लेने के लिए 20 प्रतिशत मार्जिन मनी क्विक राइट फाइनेंस कंपनी के आफिस शगुन आर्केड पर शिवम तिवारी के पास जमा कराई। जिसकी रसीदें मैनेजर मिताली ने प्रदान की जिससे उन्हें भरोसा हो। मैनेजर मिताली ने कुछ पीड़ितों की धनराशि स्वयं के खाते में प्राप्त की। सभी आरोपितों ने मिलकर फरियादी सहित करीब 40 पीड़ितों से 25-30 लाख रुपये की धनराशि लोन देने के लिए एडवांस मार्जिन मनी जमा कराने के नाम पर प्राप्त कर लिए। जब बड़ी रकम इकट्ठा हो गई तो आरोपी रातोरात फरार हो गए थे। मामले में पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। इसमें खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी शिवम तिवारी ने देवेंद्र गोलकर, विनय नागर और मैनेजर मिताली यादव के साथ उक्त फर्जी फाइनेंस कंपनी शुरू की थी। पुलिस ने कार्रवाई करते आरोपी शिवम तिवारी पुत्र बालकृष्ण तिवारी निवासी ग्राम खिरकिया (हरदा), देवेंद्र पुत्र तुकाराम गोलकर निवासी ग्राम दहोत भीकनगांव जिला खरगोन, विनय पुत्र मनोहर सिंह नागर निवासी गणेश आटा चक्की गौतमपुरा नाका देपालपुर, मिताली पुत्री संतोष यादव निवासी जनकपुरी कालोनी को गिरफ्तार किया। शिवम, देवेंद्र कंपनी में डायरेक्टर हैं और मिताली मैनेजर हैं। थाना प्रभारी के अनुसार जांच में पता चला कि आरोपित शिवम तिवारी पूर्व में फिनबुल माइक्रो इनकमिंग ब्रिजेड प्रेयुक-सब्जेक्ट गार फाइनेंस कंपनी में काम करता था, इसी दौरान उसने खुद की फाइनेंस कंपनी खोलकर धोखाधड़ी करने की साजिश की और देवेंद्र, विनय नागर को प्रारंभ में 50-50 हजार रुपये देकर दोनों को डायरेक्टर बनाते हुए क्विक राइट फाइनेंस कंपनी प्रारंभ की। क्विक राइट फाइनेंस कंपनी का करंट अकाउंट साउथ इंडियन बैंक में डायरेक्टर देवेंद्र गोलकर एवं विनय नागर के दस्तावेजों का उपयोग कर खुलवाया गया। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर उनके द्वारा कुल कितनी राशि की कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई इसकी जानकारी पुलिस पता कर रही है। आनंद पुरोहित/ 15 फरवरी 2026