क्षेत्रीय
17-Feb-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली के द्वारका हिट एंड रन केस में एफआईआर में आरोपी की उम्र 19 साल होने के बावजूद उसे नाबालिग बताकर जुवेनाइल कोर्ट में पेश करने पर सवाल उठ रहे हैं। मृतक साहिल की मां का आरोप है कि फन रील बनाने वाले रसूखदार आरोपी को बचाने के लिए पुलिस उम्र के तथ्यों से छेड़छाड़ कर रही है। दिल्ली के द्वारका इलाके में हुए दर्दनाक हिट एंड रन मामले ने अब एक गंभीर कानूनी विवाद का रूप ले लिया है। 23 वर्षीय साहिल धनशेरा की मौत के बाद उसकी मां इन्ना माकन ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर की विसंगतियों पर सनसनीखेज सवाल उठाए हैं। आरोप है कि जिस आरोपी ने ‘फन रील’ और स्टंट के चक्कर में साहिल को कुचला, उसे बचाने के लिए पुलिसिया कागजों में उसकी उम्र के साथ खेल किया गया। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल 3 फरवरी 2026 को दर्ज हुई एफआईआर को लेकर है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जिस दिन रिपोर्ट दर्ज हुई, उसमें आरोपी अक्षत्र कुमार की उम्र 19 साल साफ तौर पर अंकित की गई थी। भारतीय कानून के अनुसार, 19 साल का व्यक्ति बालिग होता है और उस पर सामान्य अदालत में मुकदमा चलना चाहिए। साहिल की मां का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को बालिग बताकर गिरफ्तार करने के बजाय नाबालिग के रूप में जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया। पीड़ित मां का सवाल सीधा है- जब एफआईआर में उम्र 19 साल दर्ज है, तो पेशी जुवेनाइल कोर्ट में क्यों हुई? क्या एक बड़े ट्रांसपोर्टर के बेटे को बचाने के लिए रातोरात कागजों में उसकी उम्र घटा दी गई? अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/17/फरवरी/2026