- शुद्ध व गुणवत्तापूर्ण है - आयुक्त आशुतोष पाण्डेय * पाईप लाईन के अंतिम छोरों पर पानी सैम्पल की नियमित गुणवत्तापूर्ण जांच, ओव्हरहेड टैंकों, पानी टंकियों की स्वच्छता, पाईप लाईन लिकेज पर सतर्क नजर व तत्काल सुधार कार्य कराने दिए निर्देश * हैण्ड पम्पों के जल का ट्रीटमेंट व आसपास की साफ-सफाई सहित सभी आवश्यक कदम उठाना अधिकारियों को आयुक्त ने दिये निर्देश कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति व पेयजल की शुद्धता, गुणवत्ता सुनिश्चित किये जाने हेतु दिये गये दिशा निर्देश के तहत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने नगर निगम कोरबा के जलप्रदाय विभाग के अधिकारियों व अभियंताओं को निर्देशित किया है कि वे यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि प्रतिदिन पाईप लाईन के माध्यम से आपूर्ति किये जाने वाला पेयजल पूर्णतः शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण हों तथा पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति की जाये। उन्होने आगे कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में उपचारित पेयजल का निर्धारित मानदण्डों के अनुरूप सैम्पल लेकर नियमित जांच करायें, पाईप लाईन के विभिन्न अंतिम छोरों से नियमित रूप से लिये जा रहे पानी के सैम्पल व उसकी जांच से जुड़ी समस्त प्रक्रिया को पूरी सजगता व गंभीरता के साथ संपादित करायें, ओव्हरहैड टेंकों की स्वच्छता, पाईप लाईनों की मरम्मत, हैण्ड पम्पों के पानी का ट्रीटमेंट व आसपास की साफ-सफाई, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव आदि के कार्य एक अभियान के रूप में पूरा करें। आयुक्त श्री पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि चूंकि निगम द्वारा रा-वाटर को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में उपचारित कर क्लोरिनयुक्त जल वार्ड व बस्तियों में आपूर्ति किया जाता है, जिसके दूषित होने की संभावना नहीं होती, किन्तु यह संभावना सदैव बनी रहती है कि यदि पाईप लाईनों में कहीं टूट-फूट हो जाती है, और बाहर से गंदा पानी पाईप लाईनों के जल में मिल जाता है, तो वह जल दूषित हो सकता है, अतः यह आवश्यक है कि पानी लाईनों के अंतिम छोरों से प्रतिदिन एकत्र किये जाने वाले पानी के सैम्पल व उसकी मौके पर जांच का कार्य पूरी गंभीरता, सजगता व जिम्मेदारी के साथ किया जाय, साथ ही वितरण पाईप लाईनों का लगातार निरीक्षण हों एवं जहॉं कहीं भी पाईप लाईनों की टूट-फूट दिखें, उसकी तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाय। * वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से प्रति घंटे लें पानी का सैम्पल आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने संबंधित अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा है कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में जल उपचारित होने के पश्चात प्रति घंटे उसका सैम्पल कलेक्ट कर उसकी जांच करें तथा यह सुनिश्चित करें कि प्लांट से लगातार प्राप्त होने वाला उपचारित जल पूर्णतः शुद्ध एवं निर्धारित मानदण्डों के अनुरूप है। * पानी टंकियों व बस्तियों के घरों से भी लें पानी का सैम्पल आयुक्त श्री पाण्डेय ने अधिकारियो को निर्देश दिये हैं कि वाटर स्टोरेज टंकियों से भी दिन में दो बार सैम्पल लेकर उसकी भी जांच करें, साथ ही प्रत्येक बस्ती व प्रत्येक आवासीय क्षेत्र में दो-चार घरों से भी पानी का सैम्पल नियमित रूप से कलेक्ट कर उसकी भी जांच करायें तथा यह देंखे कि पानी पूर्णतः शुद्ध है या नहीं, यदि की पानी की शुद्धता में संदेह दृष्टिगोचर होता है, तो तत्काल इसके कारणों की जांच करें, उन कारणों को दूर करें ताकि पानी दूषित होने की संभावना नगण्य हो सके। * हैण्डपम्पों के पानी को उपचारित करायें आयुक्त श्री पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि निगम क्षेत्र के वार्ड, बस्तियों में स्थित हैण्डपम्पों से भी पानी का सैम्पल लेकर उसकी जांच करायें तथा यदि पानी के दूषित होने की जरा भी संभावना दिखती है तो तत्काल हैण्डपम्प के पानी को उपचारित कर उसे जीवाणु रहित करायें, साथ ही पुनः 07 दिन बात सैम्पल लेकर जांच करें, यदि पुनः जल दूषित पाया जाता है तो उसकी विस्तृत जांच हेतु नमूना प्रयोगशाला में भेंजे तथा जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने तक उक्त जलस्त्रोत को बंद रखें। * पानी टंकियों, जल स्त्रोतों की स्वच्छता पर सतत नजर आयुक्त श्री पाण्डेय ने अधिकारियों से कहा कि निगम के ओव्हर हेड टैंकों, पानी टंकियों, एमबीआर आदि की साफ-सफाई पर सतत रूप से कार्य करें, मानदण्डों के अनुरूप निर्धारित समयावधि में पानी टंकियों की सम्पूर्ण सफाई की जाय तथा सफाई के पश्चात सफाई करने की तिथि अंकित की जाय ताकि यह पता चलें कि संबंधित पानी टंकी, ओव्हरहेड टैंक आदि की सफाई कब की गई है, आयुक्त श्री पाण्डेय ने विभिन्न जल स्त्रोतों, हैण्ड पम्पों के आसपास साफ-सफाई सुनिश्चित करने, हैण्ड पम्पों से उत्सर्जित होकर समीप में एकत्रित होने वाले जल में तथा आसपास के स्थल में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने आदि के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। 17 फरवरी / मित्तल