-नामांतरण के लिए मांगे थे 5 हजार रुपये जबलपुर,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामलों पर अंकुश लगाने के प्रयासों के बीच जबलपुर में लोकायुक्त टीम ने एक कर संग्रहता (टैक्स कलेक्टर) को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई से नगर निगम से जुड़े विभाग में हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी अनुसार, रांझी बड़ा पत्थर, मानेगांव निवासी आवेदक दीपक कुशवाहा ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी पत्नी के नाम नजूल का मकान है और टैक्स रसीद में पुराने करदाता की जगह उनकी पत्नी का नाम दर्ज कराने के लिए कर संग्रहता चन्द्रभान नोनिया द्वारा 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत की पुष्टि के लिए लोकायुक्त टीम ने पहले सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई। तय योजना के अनुसार, आवेदक ने आरोपी को 3 हजार रुपये की पहली किस्त दी, तभी लोकायुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी। प्रदेश में लगातार हो रही ट्रैप कार्रवाइयों के बावजूद रिश्वतखोरी के मामले सामने आ रहे हैं। हिदायत/ईएमएस 17फरवरी26