क्षेत्रीय
19-Feb-2026
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सड़क, चौड़ीकरण और विश्रामगृह निर्माण से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर राजगढ़/सारंगपुर (ईएमएस)।सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है। क्षेत्र को 135.42 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिली है, जिससे आधारभूत संरचना को मजबूती मिलने के साथ ग्रामीण और शहरी अंचलों को नई रफ्तार मिलेगी। सड़क निर्माण, मार्ग चौड़ीकरण और शासकीय विश्रामगृहों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों से क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलने जा रही है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री डॉ गौतम टेटवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वीकृत राशि से करौंदी से हीरापुर, निपानिया से भण्डावद तथा खजुरिया घाट से कालापीपल खेड़ा तक सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन किया जाएगा। साथ ही सारंगपुर–संडावता मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण भी किया जाएगा। इन कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर संपर्क मिलेगा, किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा होगी और स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी। विश्रामगृहों का होगा आधुनिकीकरण मंत्री डॉ टेटवाल ने बताया कि उड़नखेड़ी में नवीन विश्रामगृह (रेस्ट हाउस) का निर्माण कराया जाएगा, जिससे शासकीय अधिकारियों एवं आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। वहीं पचोर स्थित रेस्ट हाउस में अतिरिक्त कक्षों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे ठहरने की व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और सुविधाजनक होगी। “सुशासन में विकास की निरंतर धारा” मंत्री डॉ टेटवाल ने इसे सारंगपुर के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार के नेतृत्व में क्षेत्र में विकास कार्य निरंतर गति से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क, भवन और जनसुविधाओं से जुड़े ये प्रकल्प आने वाले समय में सारंगपुर विधानसभा की तस्वीर बदलने में मील का पत्थर साबित होंगे। सरकार की जनहितैषी योजनाओं का लाभ किसानों, महिलाओं, मजदूरों सहित समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जा रहा है। आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा प्रोत्साहन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, समय और लागत की बचत होगी तथा रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बेहतर सड़क नेटवर्क से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी। सारंगपुर विधानसभा को मिली यह 135.42 करोड़ रुपये की विकास सौगात क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में विकास की नई इबारत कैलाश शर्मा, 19 फरवरी, 2026