:: अधीक्षक का स्पष्टीकरण: मरीजों की दवाएं और सैम्पल पूरी तरह सुरक्षित; लापरवाही पर सफाई एजेंसी पर 50 हजार रू. की भारी पेनल्टी :: इन्दौर (ईएमएस)। प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में बिल्लियों के वीडियो सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन एक्शन मोड में आ गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने सुरक्षा और स्वच्छता में चूक के लिए जिम्मेदार सफाई एजेंसी एच.एल.एल. पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि 17 फरवरी को परिसर में बिल्ली देखे जाने की सूचना मिलते ही उसे पकड़ने के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए थे। एहतियात के तौर पर कैंटीन क्षेत्र और संभावित स्थानों पर बिल्ली पकड़ने के लिए तत्काल विशेष पिंजरे रखवा दिए गए हैं। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल की सुरक्षा और अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। :: दवाओं और सैम्पल की सुरक्षा पर दिया भरोसा :: वायरल वीडियो के बाद उपजी आशंकाओं को दूर करते हुए डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि चिकित्सालय में एचआईवी मरीजों सहित सभी सामान्य मरीजों की दवाएं पूर्णतः सुरक्षित हैं। लैब के लिए लिए जाने वाले सभी सैम्पल नर्सिंग स्टाफ और तकनीशियनों द्वारा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ही संधारित किए जा रहे हैं। परिसर में बिल्ली द्वारा किसी भी प्रकार की भौतिक या चिकित्सीय क्षति नहीं पहुँचाई गई है। :: परिजनों से सहयोग की अपील :: अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के परिजनों से अपील की है कि वे परिसर या वार्डों के आसपास खाद्य सामग्री न फेंकें, क्योंकि इसी के कारण लावारिस जानवर आकर्षित होते हैं। साथ ही, नर्सिंग ऑफिसर्स को निर्देशित किया गया है कि किसी भी वार्ड में जानवर दिखाई देने पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। :: भ्रामक खबरों से बचने की सलाह :: अस्पताल प्रबंधन ने जनता से अनुरोध किया है कि सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें। एमवाई चिकित्सालय मरीजों की सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रकाश/19 फरवरी 2026