राज्य
19-Feb-2026


गांधीनगर (ईएमएस)| गुजरात राज्य संस्कृत बोर्ड द्वारा संस्कृत प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आज गांधीनगर में राज्यस्तरीय भव्य “संस्कृत प्रोत्साहन समारोह” का आयोजन किया गया। माध्यमिक स्तर पर संस्कृत भाषा के शिक्षण को बढ़ावा देने तथा इस क्षेत्र में कार्यरत शैक्षणिक संस्थाओं और शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बोर्ड के अध्यक्ष हेमांग्य पालीवाल ने संस्कृत भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की जीवंत धरोहर है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इस अमूल्य विरासत से जोड़ने में आचार्यों और शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। समारोह में राज्य की कुल 223 संस्थाएं शामिल हुईं। विभिन्न संस्थाओं के आचार्यों और संस्कृत विषय के शिक्षकों सहित कुल 476 शिक्षणसेवकों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. पद्मकुमार ने “परिवार प्रबोधन: संस्कृत के माध्यम से व्यक्तित्व विकास, पर्यावरण जागरूकता और उत्तम नागरिक निर्माण” विषय पर प्रेरणादायी व्याख्यान प्रस्तुत किया। राज्य सरकार द्वारा संस्कृत भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों को संस्कृत प्रेमी महापुरुषों ने सराहनीय बताया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने संस्कृत के संवर्धन हेतु एकजुट होकर सतत प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया। समारोह में संस्कृत बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. पंकजकुमार त्रिवेदी, पाठ्यपुस्तक मंडल के अध्यक्ष मनु पावरा, साहित्यकार डॉ. कन्हैयालाल भट्ट सहित संस्कृत विषय के विशेषज्ञ और शिक्षक उपस्थित रहे। सतीश/19 फरवरी