क्षेत्रीय
20-Feb-2026
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75 करोड़ की स्वीकृति से विकास को मिलेगी रफ्तार सारंगपुर (ईएमएस)। प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में सारंगपुर क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली है। सारंगपुर से संडावता तक लगभग 31 किलोमीटर लंबे स्टेट हाइवे को टू-लेन से फोरलेन में परिवर्तित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 75 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। यह मार्ग वर्तमान में टू-लेन होने के कारण भारी यातायात दबाव झेल रहा है। प्रतिदिन इस सड़क से सैकड़ों की संख्या में छोटे वाहन, बसें, मालवाहक ट्रक और ट्रेलर गुजरते हैं। कई स्थानों पर सड़क संकरी होने और मोड़ों की अधिकता के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। फोरलेन बनने के बाद सड़क की चौड़ाई बढ़ेगी, यातायात सुचारू होगा और सुरक्षा मानकों में भी सुधार आएगा। राजस्थान से जुड़ने का बनेगा प्रमुख कॉरिडोर सारंगपुर–संडावता मार्ग राजस्थान सीमा तक पहुंचने का सबसे कम दूरी वाला मार्ग माना जाता है। फोरलेन बनने के बाद यह सड़क मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच आवागमन का एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर बन जाएगी। नागरिको का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर व्यापार, कृषि और परिवहन गतिविधियों में भी तेजी आएगी। कृषि उपज, अनाज, सोयाबीन, गेहूं और अन्य उत्पादों का परिवहन अधिक तेज और सुरक्षित हो सकेगा। व्यापार, उद्योग और रोजगार को मिलेगा लाभ फोरलेन निर्माण से स्थानीय व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। परिवहन लागत में कमी आएगी और समय की बचत होगी। इससे आसपास के क्षेत्रों में वेयरहाउस, पेट्रोल पंप, होटल, ढाबा और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सड़क निर्माण के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जिससे आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम इस मार्ग के फोरलेन बनने से क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों का महत्व भी और बढ़ जाएगा। मार्ग से जुड़े प्रसिद्ध भैसवा बिजासन माता धाम तथा कपिलेश्वर महादेव तीर्थ प्राचीन और सिद्ध स्थल माने जाते हैं। अब तक सकडी सड़क के कारण कई श्रद्धालु निजी वाहनों से आने में संकोच करते थे, लेकिन बेहतर सड़क सुविधा मिलने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। इससे धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं होंगी शामिल फोरलेन निर्माण के साथ सड़क पर डिवाइडर, साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर, बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग और जल निकासी जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित किए जाने की संभावना है। इससे रात्रिकालीन आवागमन अधिक सुरक्षित होगा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई वर्षों से इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग की जा रही थी। बजट में स्वीकृति मिलने के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा और तय समयसीमा में पूरा किया जाएगा। फोरलेन के साथ बनेगा टोल रोड स्टेट हाइवे का यह 31 किमी लंबा मार्ग फोरलेन निर्माण के साथ ही टोल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। विशेष रूप से भारी वाहनों से टोल वसूला जाएगा। प्रशासन का तर्क है कि टोल व्यवस्था से सड़क के रखरखाव, सुरक्षा और गुणवत्ता को लंबे समय तक बनाए रखने में सहायता मिलेगी। क्षेत्र के विकास की नई दिशा सारंगपुर–संडावता फोरलेन परियोजना को क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यह परियोजना न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि सारंगपुर को प्रदेश के प्रमुख मार्गों से जोड़कर व्यापार, पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को नई गति देगी। क्षेत्रवासियों को अब इस बात का इंतजार है कि प्रशासन द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि बहुप्रतीक्षित फोरलेन मार्ग जल्द ही हकीकत बन सके। नरेन्द्र जैन/ 20 फरवरी /2026