तीन दिवसीय मरांग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा पर्व के दूसरे दिन शामिल हुए झारखंड सरकार के मंत्री गिरिडीह(ईएमएस)। जिले के पीरटांड़ प्रखंड के मधुबन में आयोजित तीन दिवसीय मरांग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा पर्व के दूसरे दिन शुक्रवार को झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार, घाटशीला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त फागु बेसरा, उपायुक्त रामनिवास यादव, एसपी डॉ विमल कुमार मधुबन पहुंचे और श्रद्धा एवं आस्था के साथ पूजा में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने पारंपरिक संथाली रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस दौरान गांव के जाहेर थान में विधि-विधान से पूजा संपन्न की गई तथा पारंपरिक वेशभूषा धारण कर संस्कृति के प्रति सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं आदिवासी समाज के गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य-गान का भी आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि मरांग बुरु और जाहेर आयो की आराधना संथाल समाज की प्राचीन परंपरा का अभिन्न अंग है। बाहा बोंगा पर्व प्रकृति, फूलों और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। कहा कि झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं से है। मरांग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, प्रकृति संरक्षण और सामूहिक सद्भाव का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए प्रतिबद्ध है। घाटशीला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे प्रकृति के संरक्षण और सामाजिक समरसता को बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस अवसर पर क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की गई। वहीं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त फागु बेसरा ने मरांग बुरु से क्षेत्र की उन्नति और सुख-शांति की प्रार्थना की तथा एक-दूसरे को बाहा बोंगा की शुभकामनाएं दी। कहा कि मरांग बुरु और जाहेर आयो की पूजा संथाल आदिवासी समाज की आस्था का केंद्र है। बाहा बोंगा पर्व प्रकृति, नवजीवन और फूलों के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व मानव और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की प्रगति सुनिश्चित की जाए और आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिले। वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने सभी को मरांग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा के पावन अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, पारंपरिक स्थलों के विकास तथा युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उपायुक्त ने कहा कि बाहा बोंगा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संगठित करने और सामूहिक चेतना को सशक्त बनाने का अवसर है। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता विजय सिंह बिरूवा, सदर एसडीओ श्रीकांत विस्पुते सहित सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला नजारत उप समाहर्ता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती सहित कई अधिकारी मौजूद थे। राजेश कुमार/ ईएमएस/ 20 फरवरी 2026