क्षेत्रीय
20-Feb-2026


छिंदवाड़ा जबलपुर (ईएमएस)। द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने अविमुक्तेश्वरानंद के प्रयाग स्नान विवाद पर कहा कि सिद्वांत और धर्म की बात करना दादागिरी नहीं है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने यह बात कही। सिवनी जाते समय अल्पप्रवास पर वे छिंदवाड़ा में रुके। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होन कहा कि जब राजनीति धर्म के नियंत्रण से बाहर हो जाती है तो समाज व व्यवस्था में प्रतिकूल परिस्थितियां निर्मित होती हैं। साधुओं का मूल कार्य सिद्धांतों का पालन करवाना है और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदजी वही कर रहे। देश प्रदेश में हिंदू-मुस्लिम विवाद के प्रश्र परउन्होनें कहा कि बहुत से लोग इसी देश में जन्म लेकर भी इसे अपना नहीं मानते। ऐसे में एकजुट होकर विधर्मियों और राष्ट्रविरोधी तत्वों का पूरी ताकत के साथ मुकाबला करना होगा। केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए यूजीसी एक्ट पर शंकराचार्य ने कहा कहा कि पहले से ही एससीएससी एक्ट बना है फिर इसकी जरूरत है। इसमें संशोधन की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इसे पूरी तरह वापस लेना चाहिए। हवाई पट्टी पर किया अभिनंदन इमलीखेड़ा हवाई पट्टी पर शंकाराचार्य का पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया किया गया। हवाई पट्टी से शंकराचार्य उज्जवल सूर्यवंशी के गुरैया निवास स्थान पर पहुंचे। यहां शंकराचार्य का पादुकापूजन किया गया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे, गंगाप्रसाद तिवारी, गोविंद राय, धर्मेन्द्र सोनू मागो, जय सक्सेना, नितिन उपाध्याय, किरण चौधरी सहित बड़ी संख्या में उनके अनुयायी मौजूद रहे। ईएमएस / 20/02/2026