राज्य
23-Feb-2026
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मप्र सरकार सरसों पर भी देगी भावांतर - उड़द पर बोनस, दलहन उत्पादन बढ़ाने पर हमारा फोकस भोपाल (ईएमएस)। मप्र में किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब सोयाबीन की तरह ही सरसों पर भावांतर दिया जाएगा। जो पंजीकृत किसान मंडियों में उपज बेचेंगे, उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं उड़द पर प्रति किसान प्रति क्विंटल छह सौ रुपये का बोनस भी दिया जाएगा। चना, मसूर और तुअर का प्राइस सपोर्ट स्कीम में उपार्जन करने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भी भेजा गया है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने यह जानकारी सोमवार को विधानसभा में दी। मप्र विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने का फैसला लिया है, जिससे किसानों को न्यूनतम मूल्य का लाभ मिल सके और बाजार भाव कम होने की स्थिति में उन्हें नुकसान न उठाना पड़े। सीएम ने ये भी कहा कि मूंग की बजाय उड़द के उत्पादन पर हमारा फोकस है। इसीलिए बोनस देने का फैसला किया है। सरकार किसान को ऊर्जा दाता बनाने के लिए भी संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मूंग की बजाय उड़द पर बोनस देने का काम भी मध्य प्रदेश सरकार कर रही है। 600 रुपए प्रति किसान प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला हमारी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि मूंग की बजाय उड़द के उत्पादन पर हमारा फोकस है। इसीलिए बोनस देने का फैसला किया है। चना, मसूर, तुअर का उत्पादन करने का भी प्रस्ताव हमने भारत सरकार को भेजा है। चना और मसूर के उपार्जन के लिए 24 मार्च से 30 मई तक का समय तय किया गया है। केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। सरसों के उत्पादन को भावांतर योजना के निर्धारित प्रावधानों और पात्रता के अनुसार शामिल करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को न्यूनतम मूल्य का लाभ मिल सके और बाजार भाव कम होने की स्थिति में उन्हें नुकसान न उठाना पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की बेहतरी के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं बना रही है। मध्य प्रदेश को एग्री-एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन पर भावांतर योजना लागू होने से किसानों को फायदा मिला है। इस साल सरसों का रकबा 28त्न बढ़ा है। जनवरी तक बाजार में सरसों का भाव 5500 से 6000 रुपए प्रति क्विंटल रहा, जबकि केंद्र द्वारा तय एमएसपी 6200 रुपए प्रति क्विंटल है। सीएम के बोलने के बाद कपास और कर्ज मुद्दे पर बहस नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री के बोलने के बाद कहा कि किसानों की भलाई के लिए फैसले लिए जाना अच्छी बात है, लेकिन अभी कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें काम करने की जरूरत है। उन्होंने कपास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस फसल में किसानों को नुकसान हो रहा है। सरकार बताए कि इस पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के बोलने के बाद नेता प्रतिपक्ष को उसी विषय पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्यों ने पहले कर्ज का मुद्दा उठाया है और कुल कर्ज की जानकारी मांगी है, जिसे विलोपित किया जाना चाहिए। विनोद कुमार उपाध्याय, 23 फरवरी, 2026