राज्य
23-Feb-2026
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:: डीआरपी लाइन में चल रहा था अभ्यास, हवा के साथ सड़कों और घरों तक पहुँची गैस; आधे घंटे तक लोग रहे बेहाल :: इंदौर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के डीआरपी लाइन क्षेत्र में सोमवार को पुलिस विभाग द्वारा की गई एक बलवा ड्रिल (दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल) आम नागरिकों के लिए मुसीबत का सबब बन गई। आगामी त्योहारों के मद्देनजर पुलिस बल उपद्रवियों से निपटने का अभ्यास कर रहा था, लेकिन इस दौरान दागे गए आंसू गैस के गोलों का असर परिसर की दीवारों को लांघकर मुख्य सड़कों और रिहायशी बस्तियों तक जा पहुँचा। अचानक फैली गैस के कारण राहगीरों की आंखों में तेज जलन होने लगी और सांस लेना दूभर हो गया। जानकारी के अनुसार, डीआरपी लाइन परिसर के भीतर अभ्यास के दौरान करीब आठ से अधिक आंसू गैस के गोले फायर किए गए। उस समय हवा का रुख रिहायशी इलाके की ओर होने के कारण धुआं तेजी से फैल गया। डीआरपी लाइन से लेकर श्यामाप्रसाद मुखर्जी चौराहे तक का पूरा इलाका करीब आधे घंटे तक गैस की चपेट में रहा, जिससे क्षेत्र में दहशत जैसी स्थिति निर्मित हो गई। :: वाहन चालकों ने बीच सड़क रोकी गाड़ियाँ :: गैस का प्रभाव इतना तीव्र था कि सड़क से गुजर रहे दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को आंखों में पानी आने के कारण अचानक ब्रेक लगाने पड़े। कई राहगीर सड़क किनारे खड़े होकर पानी से आंखें धोते और रुमाल से चेहरा ढंकते नजर आए। पास ही स्थित घरों में रहने वाले लोग भी इस अचानक हुई परेशानी से सहम गए और उन्हें सुरक्षा के लिए आनन-फानन में अपने खिड़की-दरवाजे बंद करने पड़े। स्थानीय रहवासियों ने रिहायशी इलाके के इतने करीब इस तरह के भारी अभ्यास को लेकर तीखी नाराजगी व्यक्त की है। :: कानून-व्यवस्था के लिए थी तैयारी :: पुलिस प्रशासन ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने और किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जवानों को प्रशिक्षित किया जा रहा था। टियर गैस (Tear Gas) का उपयोग इसी मॉक ड्रिल का अनिवार्य हिस्सा था। हालांकि, इस घटना ने सुरक्षा अभ्यासों के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों और स्थान के चयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन लोग इस अप्रत्याशित अनुभव से देर तक उबर नहीं पाए। प्रकाश/23 फरवरी 2026