जनसांख्यिकीय परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बंगाल, झारखंड और बिहार अररिया,(ईएमएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम एक-एक घुसपैठिए को भारत की भूमि से चुन-चुन कर बाहर करने वाले है। उन्होंने कहा कि यह कोई चुनावी वादा नहीं है, यह मोदी सरकार का संकल्प है। अब यह सिर्फ वादा नहीं है, हम जल्द ही ऐसा करने वाले हैं। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने बिहार के अररिया में बॉर्डर आउट पोस्ट लेटी व इंदरवा के उद्घाटन और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के विभिन्न कार्यों के ई-लोकार्पण, ई-शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत 556 किलोमीटर बॉर्डर रोड को स्वीकृत किया है। इसमें 18 खंडों में से 14 खंडों में कार्य पूर्ण किया जा चुका है। चार खंडों में भी कार्य तेज गति से हो रहा है। वह भी जल्द पूरा हो जाएगा। इसके पूर्ण होने से जहां निगरानी की क्षमता बढ़ेगी, वहीं नागरिकों की सुविधाएं भी बढ़ जाएंगी। विकास के कार्यक्रम अंतिम सीमा तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने एसएसबी की प्रशंसा कर कहा कि ये सीमा की सुरक्षा का जिम्मा उठा रहे हैं। यह सही है कि हम एक मित्र देश के साथ लगी सीमा की सुरक्षा कर रहे हैं, उस देश के साथ जिसके हमारे देश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। उन्होंने कहा कि यह भी जरूरी है कि हमारे देश के दुश्मन और देश को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व उस रास्ते का उपयोग कर देश में प्रवेश न करें। इसलिए सशस्त्र सीमा बल को अपनी नजर पैनी रखनी पड़ेगी और अपने सूचना के स्रोतों को भी बहुत मजबूत करना होगा। इसके लिए जरूरी है कि सीमांत गांवों के अंदर जवानों और अधिकारियों के साथ संवाद और संपर्क भी अच्छे स्तर पर हों। तभी हमें गांवों से सही सूचना मिल सकती है। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि सीमा के 10 किलोमीटर के अंदर जितने अवैध अतिक्रमण हैं, उन सभी अतिक्रमणों को इस अभियान के अंतर्गत ध्वस्त कर घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें भारत से बाहर भेजने का कार्य भी शुरू होगा। जनसांख्यिकीय परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बंगाल, झारखंड और बिहार हैं। बंगाल में अभी चुनाव है और मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार वहां भाजपा की सरकार बनने वाली है। वहां सरकार का पहला एजेंडा सीमा पर बाड़ का काम समाप्त करना और एक-एक घुसपैठिए को बाहर करना है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर नेताओं के वादे जनता को याद करने होते हैं, लेकिन आज मैं सीमांचल की जनता को अपना वादा याद दिलाना चाहता हूं, क्योंकि मुझे सीमांचल की जनता का सहयोग चाहिए। घुसपैठिए सिर्फ चुनाव को प्रभावित नहीं करते हैं, वे गरीबों के राशन में भी हिस्सेदारी ले जाते हैं, रोजगार में युवाओं की संभावनाओं को क्षीण करते हैं, और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी बहुत बड़ी चुनौती हैं। यह अभियान जल्द सीमांचल में शुरू होगा। आशीष दुबे/ 26 फरवरी 2026