नई दिल्ली (ईएमएस)। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी। चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एयरसेल-मैक्सिस और आईएनएक्स मीडिया केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चिदंबरम के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन सैंक्शन को स्पेशल कोर्ट के सामने रखा है। प्रॉसिक्यूशन सैंक्शन असल में किसी सक्षम अथॉरिटी की ओर से मुकदमा चलाने की मंजूरी देने वाला आदेश होता है। इस मामले में ईडी ने ट्रायल तेज करने के लिए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के सामने इसे पेश किया है। यह मामला आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को दी गई एफआईपीबी मंजूरी से जुड़ा है। आरोप है कि जब पी।चिदंबरम देश के वित्त मंत्री थे, तब आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश की मंजूरी दी गई थी। जांच में सामने आया था कि इस मंजूरी के बदले में कथित तौर पर रिश्वत ली गई थी। ये रिश्वत सीधे तौर पर नहीं, बल्कि उनके बेटे कार्ति चिदंबरम से जुड़ी कंपनियों की जरिए ली गई थी। जांच में सामने आया है कि कथित अवैध रकम शेल कंपनियों के जरिए घुमाई गई। इसमें एडवांटेज स्ट्रैटजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (एएससीपीएल) जैसी कंपनियों का नाम सामने आया है, जो कार्ति चिदंबरम के नियंत्रण में बताई गई हैं। ईडी का कहना है कि इन पैसों को अलग-अलग कंपनियों में निवेश दिखाकर, शेयर खरीद-बिक्री के जरिए और विदेशों में निवेश करके कई गुना बढ़ाया गया। खासतौर पर वसन हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड और एजीएस हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड में निवेश का जिक्र जांच में किया गया है। सुबोध/२६-०२-२०२६