बीजिंग (ईएमएस)। चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी बैटरी विकसित की है जो पूरी तरह से पानी पर आधारित है। इसे पारंपरिक लिथियम-आयन बैटरियों के सुरक्षित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस बैटरी में इस्तेमाल किया गया इलेक्ट्रोलाइट इतना सुरक्षित है कि उसकी तुलना टोफू बनाने में इस्तेमाल होने वाले नमकीन घोल से की जा सकती है। इस पानी आधारित बैटरी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे फेंकने पर यह पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करती, जबकि पारंपरिक बैटरियां खतरनाक कचरा मानी जाती हैं और उनका निस्तारण विशेष प्रक्रियाओं से करना पड़ता है। इसके अलावा, चूंकि इस बैटरी में ज्वलनशील पदार्थ नहीं हैं, इसलिए इसमें आग लगने का खतरा भी लगभग न के बराबर है। यही कारण है कि भविष्य में यह तकनीक इलेक्ट्रिक वाहनों और बड़े पावर ग्रिड स्टोरेज सिस्टम के लिए बेहद सुरक्षित विकल्प बन सकती है। 18 फरवरी को जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित इस शोध में हांगकांग सिटी यूनिवर्सिटी और यानान यूनिवर्सिटी सहित कई अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उनकी विकसित की गई बैटरी 1,20,000 से अधिक चार्ज-डिस्चार्ज चक्र पूरे करने के बाद भी लगभग समान प्रदर्शन देती है। पारंपरिक लिथियम-आयन बैटरियों में जहां ज्वलनशील तरल पदार्थ का उपयोग होता है, वहीं आग लगने की घटनाओं से बचने के लिए इस नई बैटरी को खास तौर पर अधिक सुरक्षित बनाया गया है। कई बार उड़ानों में पावर बैंक के फटने या धुआं निकलने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसका कारण इन्हीं ज्वलनशील इलेक्ट्रोलाइट का ओवरहीटिंग होता है। इस नई तकनीक में मैग्नीशियम क्लोराइड और कैल्शियम क्लोराइड जैसे प्राकृतिक रूप से मिट्टी में पाए जाने वाले रसायनों का इस्तेमाल किया गया है, जो पर्यावरण के लिए पूरी तरह हानिरहित हैं। सुदामा/ईएमएस 27 फरवरी 2026