दोपहर को 3.20 से शाम 6.47 तक रहेगा ग्रहणकाल, सुबह नौ बजे बंद हो जाएंगे मंदिरों के कपाट छिंदवाड़ा (ईएमएस)। साल का पहला खंंडग्रास चंद्रग्रहण मंगलवार को आ रहा है। यह चंद्रगहण भारत में भी दिखाई देगा। हालांकि भारत में अधिकांश जगहों पर ग्रहण इसके समाप्ति काल के समय ही दिखाई देगा। यह चंद्रग्रहण भारत के अलावा पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में दिखाई देगा। भारत में चंद्रोदय के समय इस चंद्रग्रहण का समापन दिखाई देगा। देश के उत्तर पूर्वी हिस्सों के साथ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ स्थानों पर ग्रहण के पूर्ण चरण का अंत भी दिखाई देगा 3 घंटा 20 मिनिट के ग्रहण काल को देखते हुए शहर सहित जिले के मंदिरों में भी इस दिन होने वाले धार्मिक पूजा अर्चना के कार्यक्रमों का समय तय कर दिया गया है। शाम को 6.47 बजे ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिर परिसर और विग्रहों की शुद्धता के बाद फिर पूजा अर्चना और दर्शन शुरू हो सकेंगे। कुछ मंदिरों में सुबह 6 बजे से ही पट बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण स्पर्श दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट रहेगा। ज्योतिषियो के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में आ रहा है। भारत में दिखाई देने के कारण इसका सूतक काल सुबह 6.20 बजे से ही प्रभावी हो जाएगा। कुछ स्थानों पर मंदिरों में सुबह जल्द पूजा अर्चना और आरती के बाद सुबह 9 बजे मंदिरों के कपाट बंद होंगे। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल में मूर्तियों का स्पर्श और दर्शन वर्जित होता है, क्योंकि इसे आध्यात्मिक दृष्टि से अशुद्ध समय माना जाता है। कई स्थानों पर सूतक लगने के बाद अन्न-जल भी ग्रहण नहीं किया जाता है। मंदिरों में पूजा कर देंगे दान ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिरों में दर्शन करने और दान देने की परंपरा भी बताई गई है। सोमवार को होलिका दहन होने के कारण मंगलवार का दिन खाली रहेगा। इसी को देखते हुए मंगलवार की शाम लोग स्नान ध्यान के बाद दान देने भी देवालयों में पहुंचेंगे। होली पर भगवान को रंग गुलाल भी अर्पित किया जाएगा। ईएमएस/ मोहने/ 02 मार्च 2026