क्षेत्रीय
02-Mar-2026


रेलवे प्रबंधन नहीं दे रहा ध्यान, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा छिंदवाड़ा (ईएमएस)। मॉडल रेलवे स्टेशन में एफओबी तो बनाया गया है लेकिन इसके बाद भी यात्रियों द्वारा जान जोखिम में डालकर पटरियों से प्लेटफॉर्म पार किया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि स्टेशन में दो एफओबी बने होने के बाद भी यात्री रेलवे टै्रक पैदल पार करते है, तो उन्हे रोकने वाला स्टेशन में कोई नहीं है। सोमवार को जबलपुर एक्सप्रेस की टीम जब मॉडल रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंची तो टीम ने देखा की एक दो नहीं बल्कि दर्जनों यात्री एफओबी की जगह रेलवे टे्रक से स्टेशन पार कर रहे थे। लेकिन उन्हे रोकने वाला कोई नहीं था। ऐसे में अगर कोई टे्रन आ जाए तो बड़ी घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। लेनिक रेलवे प्रबंधन व जीआरपीएफ का इस और कोई ध्यान नहीं है। मेमू टे्रन के यात्री करते है रेलवे टे्रक पार मेमू टे्रन से सफर करने वाले यात्री ससबे अधिक रेलवे टै्रक को पैदल पार करते है। सोमवार को आमला से छिंदवाड़ा आने वाली मेमू टे्रन सुबह १०.३० बजे छिंदवाड़ा मॉडल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर ३ पर पहुंची। यात्री प्लेटफॉर्म पर उतरे बाहर निकलने के लिए यात्रियों ने एफओबी की ओर जाने की जगह वहीं से रेलवे टै्रक पर उतरे और प्लेटफार्म एक की ओर बढ़े, रेलवे टै्रक से ही दर्जनों यात्रियों ने प्लेटफार्म पार कर लिया। इस बीच प्लेटफार्म मे पातालकोट एक्सप्रेस भी खड़ी हुई थी। इसके बाद भी यात्री एफओबी की जगह टै्रक से ही स्टेशन पार कर रहे थे। यात्रियों का कहना दूर बना है एफओबी यात्रियों ने चर्चा में बताया है कि एक एफओबी बहुत दूर बना है। वहीं दूसरा एफओबी कभी बंद तो कभी चालू रहता है। इस वजह से यात्री रेलवे टै्रक से ही प्लेटफॉर्म पार करते है। प्लेटफार्म एक से दो व तीन नंबर पर जाने वाले यात्रियों का कहना है कि मुख्य द्वार से 400 मीटर दूर बन जाने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। दूरी की वजह से मजबूरी में रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। ईएमएस/ मोहने/ 02 मार्च 2026