ज़रा हटके
09-Mar-2026
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तुर्कमेनिस्तान (ईएमएस)। दुनिया में कई पर्यटन स्थल ऐसे भी हैं जिनके नाम ही लोगों के दिल में दहशत भर देने के लिए काफी हैं। ‘नरक का द्वार’, ‘भूतों का शहर’ और ‘मौत की घाटी’ जैसे नाम सिर्फ रोमांच बढ़ाने के लिए नहीं रखे गए, बल्कि इन जगहों के पीछे ऐसे कुदरती हादसे, ऐतिहासिक घटनाएं और मानवीय गलतियां जुड़ी हैं। इन नामों के पीछे छिपे किस्से न केवल चौंकाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि प्रकृति और इतिहास किस तरह किसी जगह की पहचान को बदल सकते हैं। तुर्कमेनिस्तान के काराकुम रेगिस्तान में स्थित दरवाज़ा गैस क्रेटर को ‘नरक का द्वार’ कहा जाता है। रेत के बीचों-बीच फैला यह विशाल जलता हुआ गड्ढा पिछले लगभग 50 वर्षों से लगातार आग उगल रहा है। इसकी शुरुआत 1971 में हुई, जब सोवियत वैज्ञानिक प्राकृतिक गैस की खोज के दौरान गलती से जमीन के भीतर मौजूद एक बड़े गैस भंडार को ध्वस्त कर बैठे। गैस के अनियंत्रित रूप से निकलने के खतरे को देखते हुए इंजीनियरों ने इसमें आग लगा दी, यह सोचकर कि गैस कुछ दिनों में खत्म हो जाएगी। लेकिन गैस का भंडार इतना विशाल था कि आग आज तक नहीं बुझी है। रात के समय इसका दृश्य किसी जलते हुए दरवाज़े या पाताल की आग जैसा प्रतीत होता है, जो पर्यटकों को भय और रोमांच दोनों का अनुभव कराता है। यूक्रेन का प्रिपयात शहर भी अपने अतीत की वजह से दुनिया के सबसे डरावने स्थानों में गिना जाता है। 1986 में हुए चेर्नोबिल परमाणु हादसे ने इसे वीरान और सन्नाटे से भर दिया। एक समय में यह शहर परमाणु संयंत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों से गुलजार रहता था, लेकिन दुर्घटना के बाद मात्र कुछ घंटों में यहां के हजारों लोगों को अपने घर-बार छोड़कर भागना पड़ा था। आज भी यहां की खाली इमारतें, स्कूलों में बिखरी धूल-धूसरित किताबें, टूटे झूले और जंग लगे फेरिस व्हील यह अहसास कराते हैं कि समय जैसे अचानक थम गया हो। इसी सुनसान माहौल और भयावह शांति के कारण इसे ‘भूतों का शहर’ कहा जाता है। अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित डेथ वैली दुनिया की सबसे गर्म स्थानों में से एक है। इसका नाम सुनकर ही कठिनाइयों का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। 19वीं सदी में सोना खोजने निकले लोग जब इस इलाके से गुजरते थे, तो यहां की असहनीय गर्मी और पानी की कमी उनके लिए मौत का कारण बन जाती थी। कई लोग इस सफर को पूरा नहीं कर पाए और इसी वजह से इस क्षेत्र का नाम ‘मौत की घाटी’ पड़ गया। हालांकि समय के साथ यह स्थान पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है। यहां के विशाल सफेद नमक मैदान, खुले आसमान और अनोखे रेगिस्तानी दृश्य इसे रोमांच प्रेमियों के लिए खास बनाते हैं। दक्षिण अफ्रीका का रॉबेन द्वीप भी अपने अतीत की वजह से खास पहचान रखता है। इसे कभी ‘वापसी न होने वाला आइलैंड’ कहा जाता था, क्योंकि यहां स्थित कुख्यात जेल में राजनीतिक कैदियों को रखा जाता था। यहां की कठोर सुरक्षा, ठंडे समुद्री पानी और उग्र लहरों के कारण भागना लगभग असंभव था। सुदामा/ईएमएस 09 मार्च 2026