नई दिल्ली (ईएमएस)। बुखार के दौरान कमजोरी, भूख न लगना, सिरदर्द और बदन दर्द जैसे लक्षण आम हैं। ऐसे समय में दवाओं के साथ सही खानपान बेहद जरूरी होता है, क्योंकि पौष्टिक और सुपाच्य भोजन शरीर को ऊर्जा देता है और रिकवरी को तेज करता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, बुखार में सबसे जरूरी है शरीर को हाइड्रेट रखना। तेज तापमान की वजह से पसीना ज्यादा आता है, जिससे पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इसे पूरा करने के लिए नारियल पानी, सादा पानी, छाछ, नींबू पानी, ओआरएस और सब्जियों का सूप लेना बेहद फायदेमंद माना जाता है। दाल का पतला सूप भी शरीर को ऊर्जा देने के साथ पाचन में आसान होता है। पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है और कमजोरी भी कम महसूस होती है। खाने की बात की जाए, तो बुखार में हल्का और आसानी से पचने वाला आहार सबसे अच्छा माना जाता है। खिचड़ी, दलिया, उबले चावल, उबली सब्जियां, दाल और टोस्ट जैसे विकल्प शरीर को आवश्यक कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन प्रदान करते हैं। यदि बुखार की वजह से भूख कम लग रही हो, तो थोड़ा-थोड़ा भोजन दिन में कई बार लेना बेहतर रहता है। इसके साथ ही सेब, केला, पपीता और मौसमी जैसे फल शरीर को विटामिन और मिनरल्स देकर ताकत बढ़ाने में मदद करते हैं। रिकवरी के दौरान प्रोटीन का सेवन बेहद महत्वपूर्ण है। प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। इसलिए मूंग की दाल, मूंग की खिचड़ी, दही, उबले अंडे और पनीर का सेवन फायदेमंद हो सकता है। डॉक्टर बताते हैं कि इस समय तला-भुना और मसालेदार खाना पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे गैस, एसिडिटी या उल्टी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, इसलिए इनसे परहेज करना चाहिए। बुखार के दौरान जंक फूड, तली-भुनी चीजें, अधिक मसालेदार भोजन, कोल्ड ड्रिंक्स, चाय-कॉफी और कैफीन वाली चीजों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। यह न केवल पाचन को प्रभावित करते हैं, बल्कि शरीर में सूजन और डिहाइड्रेशन बढ़ाने का खतरा भी पैदा करते हैं। सही डाइट अपनाकर, पर्याप्त पानी पीकर और हल्का भोजन लेकर बुखार से जल्दी और सुरक्षित तरीके से छुटकारा पाया जा सकता है। एक्सपर्ट के अनुसार, जब शरीर में किसी तरह का संक्रमण हो जाता है, तो वह वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए अपना तापमान बढ़ा देता है। इससे शरीर में उत्पन्न होने वाली समस्या को ही बुखार कहा जाता है। सुदामा/ईएमएस 09 मार्च 2026