:: बिहार और नेपाल से जुड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश; पुलिस की मुस्तैदी से टली बड़ी वारदात :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर की विश्व प्रसिद्ध रंगपंचमी गेर की खुशियों में सेंध लगाने की एक बड़ी साजिश पुलिस ने नाकाम कर दी है। गेर में लाखों की भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल और गहने उड़ाने के इरादे से इंदौर आए एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। क्राइम ब्रांच और छोटी ग्वालटोली पुलिस की संयुक्त टीम ने बिहार और नेपाल से आए 20 शातिर अपराधियों को रंगे हाथों धर दबोचा है। पुलिस के लिए सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि ये सभी आरोपी सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि हाई-प्रोफाइल चोर हैं। पकड़े गए 20 आरोपियों में 15 बिहार के पूर्वी-पश्चिमी चंपारण से और 5 नेपाल की राजधानी काठमांडू से सीधे फ्लाइट लेकर इंदौर पहुंचे थे। इनका मकसद भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाकर लोगों के मोबाइल और सोने के आभूषण पार करना था। एडिशनल डीसीपी रामसनेही मिश्रा ने बताया कि खुफिया तंत्र से मिले इनपुट के बाद पुलिस ने सरवटे बस स्टैंड के पास स्थित होटल गौरव और होटल नीलम पर अचानक दबिश दी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। होटल के कमरों में ये अपराधी रंगपंचमी गेर के दौरान होने वाली चोरी की बड़ी वारदातों की अंतिम योजना बना रहे थे। :: गेर में 5 लाख की भीड़ पर थी नज़र :: पुलिस जांच में सामने आया है कि इन अपराधियों का टारगेट इंदौर की ऐतिहासिक गेर में उमड़ने वाली करीब 5 लाख की भीड़ थी। ये लोग जेबकतरी और चोरी में माहिर हैं और इसी वजह से उन्होंने हवाई मार्ग चुना ताकि किसी को शक न हो। पुलिस की इस तत्परता ने न केवल शहर की शांति व्यवस्था को बहाल रखा, बल्कि हजारों पर्यटकों की जमा-पूंजी और कीमती सामान को सुरक्षित बचा लिया है। फिलहाल, इंदौर पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के छिपे हुए अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके। प्रकाश/09 मार्च 2026