मुंबई, (ईएमएस)। मध्य रेल ने दिनांक 09 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर सेंट्रल स्टाफ बेनिफिट फंड (सीएसबीएफ) के तत्वावधान में सीएसएमटी में मध्य रेल की महिला कर्मचारी उपलब्धि प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित करने के लिए एक समारोह आयोजित किया गया। इस वर्ष का विषय “Give to Gain” था, जो महिलाओं को अवसर, समर्थन, सम्मान, समानता और पहचान देने के मूल मंत्र पर आधारित है, जिससे प्रगति, सशक्तिकरण, प्रेरणा और एक अधिक न्यायपूर्ण समाज प्राप्त किया जा सके। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतीक गोस्वामी, महाप्रबंधक, मध्य रेल एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन तथा गणेश वंदना के साथ हुई। पी.पी. पांडे, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी, मध्य रेल एवं अध्यक्ष, सीएसबीएफ ने अतिथियों का शुभ सूचक पौधा भेंट कर स्वागत किया तथा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रतीक गोस्वामी, महाप्रबंधक, मध्य रेल ने मध्य रेल की महिला कर्मचारी उपलब्धि प्राप्तकर्ताओं को “सशक्त नारी पुरस्कार” प्रदान कर सम्मानित किया। विभिन्न विभागों एवं मंडलों से कुल 36 महिला कर्मचारियों का चयन सम्मान के लिए किया गया। इनमें लोको पायलट, निजी सचिव, तकनीशियन, इंजीनियर, कमर्शियल इंस्पेक्टर, शिक्षक, अस्पताल सहायक, सेक्शन ऑफिसर, कार्यालय अधीक्षक, लिपिक (क्लर्क), आरपीएफ कर्मी तथा कार्यालय सहायक शामिल थे। मध्य रेल के महाप्रबंधक और समारोह के मुख्य अतिथि प्रतीक गोस्वामी ने मध्य रेल की महिला कर्मचारी उपलब्धि हासिल करने वालों को सम्मानित किया और उन्हें “सशक्त नारी पुरस्कार” प्रदान किया। इनमें मुख्यालय से 12 कर्मचारी, मुंबई मंडल से 3, परेल, भायखला और माटुंगा कार्यशालाओं से 2-2, सोलापुर मंडल से 3, पुणे और नागपुर मंडल से 2-2 और भुसावल (जिसमें मंडल, जेडआरटीआई, इलेक्ट्रिक लोको कारखाना-भुसावल और ट्रैक रखरखाव कारखाना , नाशिक रोड शामिल हैं) से 8 कर्मचारी शामिल थीं। उपरोक्त में से, मुख्यालय, मुंबई मंडल, परेल, माटुंगा और भायखला कारखाना की 21 महिला कर्मचारी उपलब्धि हासिल करने वालों को व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाने वालों में अनुराधा रॉय भी शामिल थीं, जिन्हें 8 मार्च 2026 को नई दिल्ली में रेलवे बोर्ड द्वारा उत्कृष्ट महिला पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। मंडलों की महिला कर्मचारियों के पुरस्कार मंडल प्रतिनिधियों को सौंप दिए गए, ताकि संबंधित डीआरएम द्वारा इन्हें महिला उपलब्धि प्राप्तकर्ताओं को विधिवत प्रदान किया जा सके। इसके अतिरिक्त, महिला सशक्तिकरण गतिविधियों के अंतर्गत रेलवे कर्मचारियों की 8 आश्रित अविवाहित बेटियों को साइकिलें और 3 आश्रित महिला पत्नियों को सिलाई मशीनें भेंट की गईं। इस अवसर पर बोलते हुए, समारोह के मुख्य अतिथि और महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी ने कहा कि मध्य रेल में मुख्यालय और 5 मंडलों में विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 9000 महिलाओं का एक मजबूत कार्यबल है। मध्य रेल में महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत कुछ किया जा रहा है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। कार्यक्रम में अतिथि वक्ता, अनुपमा पांडे, लेखिका और टेड की पूर्व छात्रा ने आत्म-खोज और जीवन में महिलाओं के महत्व की आत्म-साक्षात्कार पर एक शानदार प्रस्तुति दी। मध्य रेल को भारतीय रेल का पहला पूर्णतः महिला-प्रबंधित स्टेशन, माटुंगा, प्राप्त होने का गौरव प्राप्त है, जिसके बाद अजनी और अमरावती स्टेशन भी इसी श्रेणी में आते हैं। मध्य रेल महिलाओं के लिए विशेष उपनगरीय ट्रेन सेवाएं भी चलाता है। मेरी सहेली और महिला सुरक्षा जैसी पहल महिला यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करती हैं और मातृशक्ति गर्भवती महिलाओं को सहायता प्रदान करती है, जिसमें आपात स्थिति में रेलवे परिसर में प्रसव में सहायता भी शामिल है। इस अवसर पर प्रधान विभागाध्यक्ष, हिरेश मीना, मंडल रेल प्रबंधक, मुंबई मंडल, मध्य रेल मुख्यालय और मुंबई मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, CRWWO के पदाधिकारी और मान्यता प्राप्त यूनियनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। संतोष झा- ०९ मार्च/२०२६/ईएमएस