देहरादून (ईएमएस)। भैरव सेना संगठन की महिला इकाई ‘‘देवभूमि भैरव वाहिनी’ ने हरिद्वार बाईपास रोड स्थित संगठन कार्यालय में एक विशेष ‘‘महिला सशक्तिकरण एवं चिंतन सम्मेलन’’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में हाल ही में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ी जघन्य घटनाओं और समाज में व्याप्त कुरीतियों पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। इस दौरान दमनकारी गतिविधियों पर अंकुश लगाने का आह्नान किया गया। इस अवसर पर सम्मेलन के दौरान संगठन के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने वर्तमान परिदृश्य पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, ष्आज हमारी बहन-बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं। लव-जिहाद, धर्मांतरण और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं देवभूमि की मर्यादा को चुनौती दे रही हैं। केवल दिवस मनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए धरातल पर कड़े संघर्ष और आत्मरक्षा की आवश्यकता है। खत्री ने आगे बताया कि भैरव सेना द्वारा संचालित कौशल-निपुण केंद्र के माध्यम से महिलाओं को न केवल हुनरमंद बनाया जा रहा है, बल्कि उन्हें वैचारिक रूप से भी सशक्त किया जा रहा है ताकि वे शोषण का डटकर मुकाबला कर सकें। महानगर अध्यक्ष नीलम राणा ने कहा कि संगठन के निःशुल्क प्रशिक्षण केंद्र में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु तिकनीकी एवं रचनात्मक कोर्स कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर कोर्स, फैशन डिजाइनिंग एवं एम्ब्रॉयडरी। सौंदर्य एवं स्वरोजगार के लिए ब्यूटीशियन, नेल आर्ट, मेहंदी एवं मेकअप आर्टिस्ट प्रमुख है। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रही जिला संयोजिका नेहा भंडारी ने बताया कि प्रशिक्षण के उपरांत रोजगार घर के द्वार योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया जाएगा। कार्यक्रम का सफल संयोजन कल्पना भंडारी, गौरी कोठियाल, निकिता सेमवाल एवं गीता नौटियाल ने किया, जबकि व्यवस्था की जिम्मेदारी जिलाध्यक्ष संजीव टांक ने संभाली। इस अवसर पर कई कार्यकर्ता शामिल रहे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/09 मार्च 2026