नई दिल्ली (ईएमएस)। मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने आरोप लगाया है कि इजरायल की सेना ने हाल ही में दक्षिणी लेबनान के एक रिहायशी इलाके में व्हाइट फास्फोरस हथियारों का इस्तेमाल किया है। संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का संभावित उल्लंघन बताया है। मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 3 मार्च 2026 को दक्षिणी लेबनान के योहमोर नामक कस्बे के ऊपर आर्टिलरी से दागे गए गोले हवा में फटते दिखाई दिए, जिनमें व्हाइट फास्फोरस होने की पुष्टि तस्वीरों और वीडियो के विश्लेषण से की गई। इन तस्वीरों की जियो-लोकेशन और सत्यापन के बाद संगठन ने कहा कि गोले रिहायशी मकानों के ऊपर फटे, जिससे कुछ घरों और वाहनों में आग लग गई। मानवाधिकार विशेषज्ञों के अनुसार व्हाइट फास्फोरस एक अत्यधिक ज्वलनशील रासायनिक पदार्थ है, जो ऑक्सीजन के संपर्क में आते ही जल उठता है और गंभीर जलन, स्थायी चोट या मृत्यु का कारण बन सकता है। यही कारण है कि आबादी वाले क्षेत्रों में इसके उपयोग को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अवैध माना जाता है। ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा कि रिहायशी इलाकों के ऊपर व्हाइट फास्फोरस का इस्तेमाल “बेहद चिंताजनक” है और इससे नागरिकों को गंभीर खतरा हो सकता है। संगठन ने इस तरह के हथियारों के प्रयोग को तुरंत रोकने और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। हालांकि इजरायल ने इन आरोपों पर कहा है कि उसकी सेना अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार कार्रवाई करती है। सुबोध/०९-०३-२०२६