राष्ट्रीय
11-Mar-2026


लुधियाना (ईएमएस)। पंजाब में नियमित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति को लेकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर योग्य अधिकारियों का पैनल भेजने को कह दिया है। आयोग ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि पहले भेज गए पत्र का निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई जवाब नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार, यूपीएससी के सचिव शशि रंजन कुमार ने पंजाब के मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा को 5 मार्च को पत्र लिखकर मामले की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने को कह दिया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने के लिए कहा गया है कि वे जल्द से जल्द योग्य अधिकारियों का पैनल आयोग को भेज दे। दरअसल, इससे पहले 18 फरवरी को भी यूपीएससी ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार डीजीपी पद की रिक्ति 5 फरवरी 2026 से मानी जाएगी। चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से 10 दिनों के भीतर प्रस्ताव और योग्य अधिकारियों की सूची भेजने को कहा था। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई थी कि यदि समय पर पैनल नहीं भेजा गया तो आयोग आदेश के पालन के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है। 5 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उन राज्यों पर सख्त टिप्पणी की थी जो लंबे समय से कार्यवाहक डीजीपी के सहारे पुलिस विभाग चला रहे हैं। अदालत ने यूपीएससी को निर्देश दिया था कि इसतरह राज्यों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। पंजाब में मार्च 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद जुलाई 2022 में 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को कई वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार करते हुए कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था। वह पिछले लगभग तीन साल आठ महीने से इस पद पर कार्यरत हैं। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय प्रक्रिया से अलग व्यवस्था बनाने के लिए जून 2023 में पंजाब विधानसभा ने पंजाब पुलिस (संशोधन) विधेयक 2023 पारित किया था। इसमें डीजीपी के चयन के लिए राज्य सरकार के नियंत्रण वाली सात सदस्यीय समिति बनाने का प्रावधान है। हालांकि यह विधेयक फिलहाल राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए लंबित बताया जा रहा है। यूपीएससी की प्रक्रिया के अनुसार राज्य सरकार योग्य अधिकारियों का पैनल भेजती है। इसके बाद आयोग वरिष्ठता, अनुभव और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर तीन नामों का चयन करता है, जिनमें से राज्य सरकार एक अधिकारी को डीजीपी नियुक्त करती है। आशीष दुबे / 11 मार्च 2026