क्षेत्रीय
11-Mar-2026


ग्वालियर ( ईएमएस ) | धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति के दुखों का अंत होता है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ने लगती हैं। पापमोचनी एकादशी का व्रत व्यक्ति को जाने अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति दिलाता है। मान्यता है कि इस व्रत को पूरे विधि विधान के साथ करने से व्यक्ति के भाग्य में भी वृद्धि होती है। वहीं इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है चैत्र मास की कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी का नाम पापमोचनी एकादशी है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। इस साल पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा। वहीं इस दिन त्रिपुष्कर योग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है पंडित घनश्याम शास्त्री जी महाराज के अनुसार एकादशी तिथि का प्रारंभ 14 मार्च को सुबह 8 बजकर 11 मिनट पर होगा। इस तिथि का समापन 15 मार्च को सुबह में 9 बजकर 17 मिनट पर होगा उदया तिथि के अनुसार, पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा।