क्षेत्रीय
11-Mar-2026


हाथरस (ईएमएस)। जनपद के हसायन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और स्वास्थ्य कर्मियों की कथित लापरवाही के कारण एक नवजात की मौत का मामला सामने आया है। पीड़ित पिता ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।कानऊ निवासी मनोज कुमार शर्मा ने अपनी शिकायत में बताया कि 1 मार्च 2026 की रात वह अपनी पत्नी रश्मि को प्रसव के लिए हसायन सीएचसी लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल के शौचालयों में गंदगी का अंबार था और पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। प्रसव पीड़ा के दौरान परिजनों ने जब ड्यूटी पर तैनात नर्स को बुलाने का प्रयास किया तो वह सोती हुई मिलीं। कई बार जगाने के बाद भी नर्स ने उपचार करने के बजाय परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किया।पीड़ित के अनुसार सुबह करीब 7 बजे बच्चे के जन्म के बाद उसकी सांसें कमजोर पड़ने लगीं। डॉक्टरों ने नवजात को हीटिंग देने की जरूरत बताई, लेकिन उस समय अस्पताल में बिजली नहीं थी और जनरेटर की कोई व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं थी। मनोज कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने खुद उच्च अधिकारियों को फोन किया तब जाकर बिजली की व्यवस्था हो सकी।इसके बाद अस्पताल ने नवजात की गंभीर हालत को देखते हुए उसे हाथरस रेफर कर दिया। वहां से अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल और फिर हायर सेंटर भेजा गया। अंततः 4 मार्च की रात खुर्जा स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई।घटना से आहत पिता मनोज कुमार ने जिलाधिकारी से मांग की है कि हसायन सीएचसी में जनरेटर, स्वच्छ शौचालय, बिजली और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े। साथ ही उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ईएमएस / 11/03/2026