बालाघाट (ईएमएस). प्रदेश में किसानों की फसलों की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कार्यालय आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन के निर्देशानुसार फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत प्रदेश के लगभग एक करोड़ किसानों को डिजिटल क्रॉप सर्वे की जानकारी देने के लिए एआई बॉट कॉल के माध्यम से मोबाइल फोन पर संपर्क किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत किसानों को मोबाइल कॉल के साथ-साथ एसएमएस के माध्यम से भी उनकी दर्ज फसल की जानकारी भेजी जा रही है, ताकि वे अपने खेत में बोई गई फसल की पुष्टि कर सकें। इससे फसल संबंधी आंकड़ों को डिजिटल रूप से अपडेट करने में सुविधा होगी। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि एआई बॉट कॉल के दौरान किसानों से किसी प्रकार का ओटीपी, बैंक खाता या आधार नंबर की जानकारी नहीं ली जाती है। यदि किसी भी कॉल के माध्यम से ऐसी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी मांगी जाती है तो किसान उसे साझा न करें। ऐसी संदिग्ध कॉल मिलने पर किसान तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल को सूचना देकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, ताकि धोखाधड़ी की घटनाओं से बचाव किया जा सके। साइबर धोखाधड़ी होने की आशंका इधर, डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए किए जा रहे एआई बॉट कॉल से साइबर धोखाधड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल, जिले में पिछले तीन-चार दिनों से साइबर ठग किसानों को अज्ञात नंबरों से कॉल कर रहे हैं। किसानों को उनके खसरा नंबर की जानकारी देकर फसल की पुष्टि कर रहे हैं। बाद में ठगों द्वारा ओटीपी मांगी जा रही है। हालांकि, अभी तक जिले में ठगी का मामला प्रकाश में नहीं आया है, लेकिन ठगी की संभावनाओं से इंकार भी नहीं किया जा सकता। भानेश साकुरे / 11 मार्च 2026