क्षेत्रीय
11-Mar-2026
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बालाघाट (ईएमएस).प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालाघाट में 11व 12 मार्च को उच्च शिक्षा विभाग मप्र शासन भोपाल और आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ, प्राणीशास्त्र एवं वनस्पति शास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय भारतीय ज्ञान परम्परा और आधुनिक जीव विज्ञान को जोडऩे वाली अंत:विषय अनुसंधान विधिया रहा। जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष मौसम हरिनखेड़े द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे ने स्वागत भाषण में भारतीय ज्ञान परम्परा और आधुनिक जीव विज्ञान के समन्वय तथा अंत: विषयक अनुसंधान की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ. बीके ब्रम्हे ने संगोष्ठी की रूपरेखा तथा डॉ. एमएस मरकाम ने संगोष्ठी के उद्देश्यों की जानकारी दी। प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो. सतीष चिले (सेवानिवृत्त प्राचार्य, शासकीय पीजी महाविद्यालय सिवनी) ने भारतीय प्राचीन ज्ञान को आधुनिक जीव विज्ञान से जोड़ते हुए नए अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया तथा औषधीय पौधों और प्राकृतिक फंगस की उपयोगिता पर जानकारी दी। द्वितीय तकनीकी सत्र में प्रो. डीके कापगते (जेएम पटेल कॉलेज भंडारा) ने मध्य भारत में जुरासिक एवं क्रिटेशियस काल की जैव विविधता और जीवाश्मों पर व्याख्यान दिया। वहीं डॉ. सम्पत घोष ने भारतीय ज्ञान परम्परा, मधुमक्खियों की प्रजातियों तथा शहद के औषधीय गुणों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. तेजेन्द्र सिंह शिव ने किया तथा अंत में डॉ. भूपेन्द्र कुमार ब्रम्हे ने आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी में महाविद्यालय के स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। भानेश साकुरे / 11 मार्च 2026