ज़रा हटके
12-Mar-2026
...


कीव,(ईएमएस)। कहने की दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति कहा जाने वाला अमेरिका अब ईरान के ड्रोनों से घबरा गया है। उसे समझ नहीं आ रहा है कि इन हमलों को कैसे रोका जाए। इसके लिए यूक्रेन के आगे अमेरिका गिड़गिड़ाने को मजबूर हुआ है और तकनीकी मदद करने की गुहार लगा रहा है। यूक्रेनी अधिकारियों ने लगभग सात महीने पहले ही अमेरिका को ईरानी निर्मित हमलावर ड्रोनों, विशेष रूप से शाहेद ड्रोनों को रोकने के लिए अपनी युद्ध-परीक्षित तकनीक अपनाने का प्रस्ताव दिया था। उस समय कीव ने एक विस्तृत ब्रीफिंग के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया था कि पश्चिम एशिया में संभावित संघर्ष की स्थिति में यह स्वदेशी प्रणाली अमेरिकी सेना और उसके सहयोगियों की सुरक्षा कैसे कर सकती है। हालांकि, तत्कालीन अमेरिकी प्रशासन ने उस समय इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, जिसके कारणों पर अभी भी रहस्य बना हुआ है। अब परिस्थितियों ने करवट ली है और वाशिंगटन ने अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। हाल ही में ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष और ईरानी ड्रोनों के अनुमान से कहीं अधिक घातक साबित होने के बाद, अमेरिकी अधिकारी निजी तौर पर यह स्वीकार कर रहे हैं कि यूक्रेन के प्रस्ताव को नजरअंदाज करना एक गंभीर सामरिक चूक थी। यह गलती तब और स्पष्ट हो गई जब ईरान के कम लागत वाले लेकिन अत्यधिक प्रभावी शाहेद ड्रोनों ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें अब तक सात अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है। इन ड्रोनों को रोकने के महंगे प्रयासों के कारण अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को लाखों डॉलर का आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने हाल ही में पुष्टि की है कि अब अमेरिका और पश्चिम एशिया के कई अन्य देश ईरानी ड्रोनों का मुकाबला करने के लिए यूक्रेन की विशेषज्ञता और मदद मांग रहे हैं। जेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, जॉर्डन और कुवैत जैसे देशों के नेताओं से संभावित रक्षा सहयोग पर चर्चा की है। हालांकि, यूक्रेन ने इस तकनीकी सहायता के बदले एक स्पष्ट शर्त भी रख दी है। राष्ट्रपति जेलेंस्की का कहना है कि वे मदद तभी प्रदान करेंगे जब इससे यूक्रेन की अपनी सुरक्षा व्यवस्था कमजोर न हो और यह सहयोग रूस के खिलाफ जारी युद्ध को न्यायपूर्ण अंत तक ले जाने के उनके राजनयिक प्रयासों को मजबूती प्रदान करे। जेलेंस्की ने यह भी चिंता व्यक्त की है कि ईरान के साथ जारी नए संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान यूरोप के सबसे बड़े युद्ध से हटा दिया है। इसी कारण से रूस और यूक्रेन के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली वार्ता के नए दौर को भी स्थगित करना पड़ा है। यूक्रेन का रुख स्पष्ट है कि वह उन देशों की सुरक्षा में मदद करने को तैयार है जो रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन के संघर्ष में उसके साथ खड़े हैं। यह घटनाक्रम दिखाता है कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन तकनीक और उससे बचाव की प्रणालियाँ वैश्विक सैन्य रणनीतियों का केंद्र बन गई हैं। वीरेंद्र/ईएमएस 12 मार्च 2026