तेहरान(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षा देने की घोषणा की थी, लेकिन ईरान ने इस पर कुटिलता से पलटवार किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नौसेना के कमांडर अलिरेजी तंगसीरी ने तंज कसते हुए कहा कि यदि कोई तेल टैंकर इस मार्ग से गुजरना चाहता है, तो वह अपने साथ अमेरिकी विध्वंसक जहाज (डिस्ट्रॉयर) लेकर आए। तंगसीरी ने चुनौती भरे लहजे में कहा कि जो जहाज अमेरिकी युद्धपोत के साथ आएगा, उसकी सुरक्षा की गारंटी ईरान देगा। इस बयान को ट्रंप की घोषणा पर सीधे तंज और एक खुली धमकी के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जारी जंग थमती नजर नहीं आ रही है। इस भीषण संघर्ष ने न केवल पश्चिम एशिया को दहला दिया है, बल्कि पूरी दुनिया को एक गंभीर ऊर्जा संकट की ओर धकेल दिया है। खाड़ी देशों पर हो रहे लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लगभग ठप कर दिया है। इस रणनीतिक मोर्चे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हर चाल फिलहाल नाकाम होती दिख रही है। मौजूदा तनाव का असर यह है कि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह बंद हो गई है। सामान्य दिनों में यहाँ से रोजाना लगभग 100 जहाज गुजरते थे, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक केवल दो ऐसे जहाज इस मार्ग को पार कर पाए हैं जिनका संबंध ईरान या रूस से नहीं था। इनमें से एक भारतीय जहाज शेनलोंग था, जिसने पहचान छिपाने के लिए अपना ट्रांसपोंडर बंद कर दिया था, और दूसरा चीनी क्रू वाला सीनो ओशियन था। सुरक्षा के मद्देनजर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने नागरिक जहाजों को ईरानी नौसेना की सक्रियता वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है। तनाव को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए 20 अरब डॉलर की पुनर्बीमा योजना की घोषणा की है, ताकि जहाज मालिकों को वित्तीय सुरक्षा का भरोसा दिया जा सके। हालांकि, बीमा कंपनियों ने चेतावनी दी है कि यदि टैंकरों के साथ सैन्य जहाज चलते हैं, तो वे ईरान के लिए और भी आसान निशाना बन सकते हैं। दूसरी ओर, वैश्विक बाजार में तेल की किल्लत को रोकने के लिए अमेरिका ने अपने आपातकालीन भंडार से 17.2 करोड़ बैरल तेल जारी करने का फैसला किया है। मिडल ईस्ट में जारी इस बारूदी खेल को आज 12 दिन बीत चुके हैं और अब तक 2400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। युद्ध की लपटें अब दुबई, बहरीन और सऊदी अरब तक पहुंच गई हैं, जहां ड्रोन और मिसाइलों के जरिए ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है। पूरी दुनिया की नजरें अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी हैं, क्योंकि इस रास्ते की पूर्ण बंदी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी साबित हो सकती है। वीरेंद्र/ईएमएस/12मार्च2026 --------------------------------