अंतर्राष्ट्रीय
12-Mar-2026


पेशावर(ईएमएस)। अमेरिका ने पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर पेशावर में स्थित अपने वाणिज्य दूतावास (काउंसलेट) को स्थायी रूप से बंद करने का एक बड़ा फैसला लिया है। अफगानिस्तान सीमा के नजदीक स्थित यह राजनयिक मिशन दशकों से क्षेत्र में अमेरिका की सुरक्षा और निगरानी गतिविधियों के लिए सबसे अहम केंद्रों में से एक माना जाता रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इस निर्णय की औपचारिक जानकारी अमेरिकी कांग्रेस को साझा कर दी है।प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, पेशावर काउंसलेट को बंद करने से अमेरिकी खजाने को हर साल लगभग 75 लाख डॉलर की बचत होगी। विदेश विभाग का तर्क है कि इस मिशन के बंद होने से पाकिस्तान में अमेरिका के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने या द्विपक्षीय संबंधों को प्रबंधित करने की क्षमता पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, इस फैसले को वर्तमान वैश्विक तनावों से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इसका ईरान और अमेरिका के बीच जारी हालिया युद्ध से कोई सीधा संबंध नहीं है। गौर करने वाली बात यह है कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पाकिस्तान के विभिन्न शहरों, विशेषकर कराची और पेशावर में अमेरिका विरोधी प्रदर्शनों की बाढ़ आ गई थी। सुरक्षा कारणों से पेशावर के मिशन ने कुछ समय पहले अपना कामकाज अस्थायी रूप से रोक दिया था। इसी दौरान कराची में हुए हिंसक प्रदर्शनों में अमेरिकी मरीन द्वारा की गई कार्रवाई में 10 लोगों की मौत की खबरें भी सामने आई थीं, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं काफी बढ़ गई थीं। पेशावर काउंसलेट में वर्तमान में 18 अमेरिकी राजनयिक और 89 स्थानीय कर्मचारी कार्यरत हैं। मिशन को पूरी तरह समेटने की प्रक्रिया पर करीब 30 लाख डॉलर का खर्च आने का अनुमान है, जिसमें से एक बड़ी राशि उन विशेष बख्तरबंद ट्रेलरों को स्थानांतरित करने में खर्च होगी जो अस्थायी कार्यालयों के रूप में उपयोग किए जा रहे थे। इस बंदी के बाद, पेशावर और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को वीजा या अन्य राजनयिक सेवाओं के लिए अब इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास जाना होगा, जो यहाँ से लगभग 184 किलोमीटर दूर है। इतिहास पर नजर डालें तो पेशावर काउंसलेट ने अफगानिस्तान युद्ध के दौरान एक प्रमुख लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल हब के रूप में कार्य किया था। सीमावर्ती क्षेत्र होने के नाते यहाँ से अमेरिकी खुफिया और सैन्य गतिविधियों की निगरानी आसान थी। विदेश विभाग ने भरोसा दिलाया है कि काउंसलेट बंद होने के बावजूद, अमेरिकी नागरिकों की सहायता और विदेशी सहायता कार्यक्रमों की देखरेख जैसे महत्वपूर्ण कार्य अब इस्लामाबाद से बिना किसी बाधा के जारी रहेंगे। वीरेंद्र/ईएमएस/12मार्च2026 --------------------------------