क्षेत्रीय
12-Mar-2026
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* *चितरंगी में कानून बेअसर? मारपीट के बाद भी कार्रवाई शून्य, अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल* *खेत में हमला… अगले दिन बस स्टैंड पर घेरकर फिर पीटा* *पीड़ित का आरोप – आरोपी बोले “पैसा देकर पुलिस का मुंह बंद कर देंगे* *शिकायत पहुंची एसपी कार्यालय, अब पूरे मामले में कार्रवाई पर टिकी निगाहें* सिंगरौली | विशेष रिपोर्ट सिंगरौली (ई एम एस)जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम तेन्दुहा निवासी एक आदिवासी व्यक्ति के साथ लगातार दो दिनों में हुई बर्बर मारपीट की घटनाओं के बावजूद थाना पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित संतलाल कोल (46 वर्ष) ने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री को भेजते हुए न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों द्वारा खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। *खेत में विवाद… और लाठी से हमला* पीड़ित के अनुसार 7 मार्च 2026 की शाम करीब 6 बजे वह अपनी जमीन में बैल बांध रहा था। उसी समय गांव के रमई साकेत का बैल भी वहां बंधा था और दोनों बैल आपस में लड़ पड़े। इसी बात को लेकर रमई साकेत की पत्नी सविता साकेत वहां पहुंची और गाली-गलौज करने लगी। विरोध करने पर उसने कथित रूप से लाठी से हमला कर दिया। जब संतलाल की पत्नी इंदरनिया कोल बीच-बचाव करने आई तो उसे भी बेरहमी से पीटा गया। इस हमले में दोनों को खून निकलने वाली गंभीर चोटें आईं। जान बचाने के लिए संतलाल पास के घर में छिप गया, लेकिन आरोप है कि वहां भी पत्थर फेंके गए और जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी गई। अगले ही दिन बस स्टैंड पर घेरकर फिर हमला पहली घटना के अगले ही दिन 8 मार्च की सुबह लगभग 10 बजे संतलाल कोल मोटरसाइकिल से अपने गांव लौट रहा था। जैसे ही वह चितरंगी बस स्टैंड के पास पहुंचा, गांव के ही रमई साकेत, रामू साकेत और राजा साकेत ने रास्ता रोक लिया। पीड़ित का आरोप है कि तीनों ने बांस के डंडों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। इस हमले में – सिर में गंभीर चोट और खून बहना *पीठ पर कई जगह नील-स्याह चोट* जांघ में गहरी चोट हाथ में सूजन और दर्द जैसी गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उसे बचाया। *पुलिस को पैसा खिलाकर सब दबा देंगे* पीड़ित ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाया है कि आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे हैं – “तुम लोगों को जान से मार देंगे… पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती, पैसा खिलाकर सबका मुंह बंद कर देंगे।” *थाने में शिकायत… फिर भी कार्रवाई नहीं* संतलाल कोल का आरोप है कि उसने दोनों घटनाओं की जानकारी थाना चितरंगी पुलिस को दी, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इससे पीड़ित परिवार दहशत में है और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। *इन आरोपियों पर मामला दर्ज करने की मांग* पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपियों सविता साकेत, रमई साकेत, रामू साकेत, चंदा साकेत, राजा साकेत, छोटकी और गोलू साकेत के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 323, 324, 341, 506, 34 के तहत मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए। बड़ा सवाल *क्या चितरंगी में खत्म हो गया कानून का खौफ* क्या शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं उठाता? क्षेत्र में चर्चा है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे मामलों में आरोपियों के हौसले और बुलंद हो सकते हैं। अब निगाहें एसपी कार्यालय पर पूरा मामला अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच चुका है। अब देखना यह होगा कि जिले के पुलिस कप्तान इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय मिलता है रिपोर्ट आर एन पाण्डेय