* ‘अर्निंग वेल, लिविंग वेल’ के विज़न के साथ श्रमिकों और युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में कदम * गुजरात में बेरोज़गारी दर केवल 1.1%, श्रमिक भागीदारी में भी देश में अग्रणी स्थान गांधीनगर (ईएमएस)| गुजरात सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री कुंवरजी बालिया ने विधानसभा में विभाग की बजटीय माँगों पर चर्चा के दौरान बताया कि राज्य सरकार का यह बजट “विकसित गुजरात से विकसित भारत” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए कुल 4,08,053 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया है। श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग के लिए कुल 2,902 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2030 तक राज्य को अतिरिक्त लगभग 1 करोड़ कुशल मानवबल की आवश्यकता होगी। इसे ध्यान में रखते हुए स्किलिंग, रिस्किलिंग और अपस्किलिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। * रोजगार में गुजरात अग्रणी केंद्र सरकार के पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) के अनुसार देश में औसत बेरोज़गारी दर 3.2 प्रतिशत है, जबकि गुजरात में यह मात्र 1.1 प्रतिशत है। महिला श्रमिक भागीदारी में राज्य देश में दूसरे और पुरुष श्रमिक भागीदारी में पहले स्थान पर है। * 29 श्रम कानूनों को मिलाकर 4 नई श्रम संहिताएँ मंत्री ने बताया कि राज्य में 29 पुराने श्रम कानूनों को एकीकृत कर 4 नई लेबर कोड 21 नवंबर 2025 से लागू किए गए हैं। इससे श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ उद्योगों के लिए ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को भी बढ़ावा मिलेगा। * श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ राज्य में गुजरात भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के अंतर्गत 11.40 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। निर्माण श्रमिकों के लिए ‘धन्वंतरी आरोग्य रथ’ की संख्या बढ़ाकर 500 करने का लक्ष्य, इसके लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान। ‘श्रमिक अन्नपूर्णा योजना’ के तहत 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए 300 नए केंद्र शुरू करने हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था। * कौशल विकास और आईटीआई के लिए विशेष प्रावधान युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए ‘नमो गुजरात कौशल और रोजगार मिशन’ के तहत 226 करोड़ रुपये तथा आईटीआई के उन्नयन के लिए पीएम सेतु योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आईटीआई में पढ़ने वाली छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘नमो कौशल लक्ष्मी योजना’ के तहत 15,000 से 24,000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी, जिसके लिए 40 करोड़ रुपये रखे गए हैं। * सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान महिला निर्माण श्रमिकों को 37,500 रुपये की मातृत्व सहायता सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिकों को उपचार के लिए 3 लाख रुपये और मृत्यु होने पर परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता असंगठित श्रमिकों की अंत्येष्टि के लिए 10,000 रुपये की सहायता दुर्घटना मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 4 लाख रुपये तक का मुआवज़ा अगारियों और श्रमिकों के लिए आवास कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले 2,500 नमक श्रमिकों (अगारियों) को सोलर पैनल और पानी की टंकी से युक्त पोर्टेबल आवास उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में श्रमिकों को कार्यस्थल तक पहुँचाने के लिए म्युनिसिपल बस पास में 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी। इस प्रकार, वर्ष 2026-27 के लिए श्रम, रोजगार और कौशल विकास विभाग की बजटीय माँगें विधानसभा में पारित कर दी गईं। सरकार का उद्देश्य श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना, युवाओं को कौशल से जोड़ना और राज्य में रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है। सतीश/13 मार्च