क्षेत्रीय
13-Mar-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन की बिलासपुर शाखा के तत्वावधान में हेमू नगर स्थित रामकृष्ण मंदिर के सभा भवन में ‘बसंत उत्सव’ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में संगीत, नृत्य और कविता पाठ की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद सम्मेलन का प्रसिद्ध गीत ‘मोदेर गरब मोदेर आशा’ कोरस के रूप में प्रस्तुत किया गया। शाखा अध्यक्ष अजय गांगुली ने स्वागत भाषण देते हुए बसंत उत्सव की सांस्कृतिक महत्ता और संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। सांस्कृतिक संध्या में निहार रंजन मल्लिक, श्रावणी दत्त, प्रबाल मुखर्जी, सौरभ चक्रवर्ती, अर्पण बैरागी, मौसमी चक्रवर्ती, डॉ. चंदना मित्रा और सुजीत मित्रा ने मधुर एकल गीत प्रस्तुत किए। तबले पर जय डे ने संगत की। वहीं गोपा दासगुप्त और राजा दासगुप्त ने युगल कविता पाठ से समां बांध दिया। रूपा राहा, अशोक कुंडू और डॉ. सोमा लाहिरी मल्लिक ने भावपूर्ण कविताएं प्रस्तुत कीं, जबकि असित बरन दास ने बसंत ऋतु पर आधारित लेख पाठ किया। मुनमुन शी के आकर्षक नृत्य तथा मौसमी चक्रवर्ती के निर्देशन में प्रस्तुत समूह गान ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्वर्ण युग के प्रसिद्ध गीतकार बाबू गुह ठाकुरता को ‘रामजीवन मुखोपाध्याय सम्मान’ से सम्मानित किया जाना रहा। मंच संचालन डॉ. सोमा और श्रावणी दत्त ने किया, जबकि अंत में शुभाशीष बसाक ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मनोज राज 13 मार्च 2026