क्षेत्रीय
13-Mar-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। लिंगियाडीह में अपने घरों को बचाने की मांग को लेकर चल रहा लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन लगातार 111वें दिन भी जारी रहा। क्षेत्र के सैकड़ों परिवार पिछले तीन महीनों से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि अपने घर-आंगन और जीवन भर की कमाई से बनाए गए आशियाने को बचाने के लिए है। धरना स्थल पर प्रतिदिन महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में एकत्र होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। आंदोलन में शामिल लोगों का कहना है कि वर्षों की मेहनत, खून-पसीने की कमाई और उम्मीदों के सहारे उन्होंने अपने घर बनाए हैं। इन घरों में केवल ईंट-पत्थर ही नहीं, बल्कि परिवारों की यादें, भावनाएं और भविष्य की उम्मीदें भी जुड़ी हुई हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे किसी टकराव की राह नहीं चाहते, बल्कि सरकार और प्रशासन से संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की अपेक्षा रखते हैं। उनका मानना है कि किसी भी निर्णय से पहले वहां रहने वाले लोगों की परिस्थितियों और भावनाओं को समझना जरूरी है। लगातार 111 दिनों से चल रहा यह आंदोलन अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि आम नागरिक के आवास, अधिकार और सम्मान से जुड़ा प्रश्न बन गया है। ऐसे में लोगों की मांग है कि छत्तीसगढ़ सरकार और प्रशासन आंदोलनकारियों से संवाद स्थापित कर ऐसा समाधान निकाले, जिससे सैकड़ों परिवारों का आशियाना सुरक्षित रह सके और इस संघर्ष को सम्मानजनक विराम मिल सके। मनोज राज 13 मार्च 2026