राष्ट्रीय
13-Mar-2026


छतरपुर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के छतरपुर में घरेलू गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बुंदेलखंड क्षेत्र के जिले में दो दिनों तक चली छापेमारी में कुल 38 सिलेंडर जब्त किए। अधिकारियों को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग संकट का लाभ उठाकर गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण और व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। नौगांव के बिलहरी गांव में पानी प्लांट पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 13 खाली सिलेंडर जब्त किए। इसके एक दिन पहले, छतरपुर शहर की विश्वनाथ कॉलोनी में एक सेवानिवृत्त शिक्षक श्यामलाल अहिरवार के घर से 25 सिलेंडर बरामद किए, जिसमें से 22 खाली थे। अधिकारियों ने पेट्रोलियम अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मध्यप्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के हापुड़ में भी जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई हुई। वहां एक निजी घर से 32 सिलेंडर जब्त किए गए, जिसमें 18 भरे और 14 खाली थे। ज़िलाधिकारी द्वारा तहसील स्तर पर गश्त करने वाली टीमों को गठित किया गया था, और सूचना मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने कहा कि घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर्याप्त है और लोग ऑनलाइन बुकिंग कर आसानी से डिलीवरी ले सकते हैं। केंद्र सरकार ने ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति का आश्वासन देकर अफवाहों से बचने की अपील की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने के बावजूद एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की घरेलू आपूर्ति स्थिर है। नागरिकों से अपील की गई कि वे घबराहट में अनावश्यक बुकिंग न करें और आवश्यकतानुसार ही ईंधन का इस्तेमाल करें। भारत अपनी एलपीजी की 60 प्रतिशत आवश्यकता आयात पर निर्भर करता है, जिसमें से अधिकांश होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते आती थी। हालाँकि, केंद्र सरकार ने 70 प्रतिशत से अधिक आयात वैकल्पिक मार्गों से कर दिया है, जिससे आपूर्ति बाधित नहीं हुई। इसके अलावा, रिफाइनरियों ने घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर बफर तैयार किया है। देश भर में करीब 100,000 ईंधन आउटलेट लगातार काम कर रहे हैं और एलपीजी 25,000 वितरकों के माध्यम से रोजाना लगभग 50 लाख सिलेंडर वितरित किए जाते हैं। अस्पतालों और स्कूलों को प्राथमिकता दी जाती है, और राज्य स्तरीय समितियां कालाबाजारी और गलत इस्तेमाल पर निगरानी रखती हैं। वैकल्पिक ईंधनों जैसे मिट्टी के तेल, कोयला और बायोमास के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। तेल कंपनियाँ राज्य अधिकारियों के साथ समन्वय करके ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करती हैं और जमाखोरी रोकने के लिए लगातार निगरानी रखती हैं। प्रशासन की यह कार्रवाई समय पर हुई कदम है, जिससे स्थानीय स्तर पर कालाबाजारी पर अंकुश लगा है और नागरिकों में आपूर्ति को लेकर विश्वास बना रहा है। आशीष दुबे / 13 मार्च 2026