राष्ट्रीय
13-Mar-2026


* गौमाता के संरक्षण, स्वास्थ्य और देखभाल के लिए हर जिले में अधिकारी नियुक्त करने तथा 100 करोड़ रुपये वार्षिक बजट का प्रस्ताव अहमदाबाद (ईएमएस)| कांग्रेस विधायक अमित चावड़ा ने राज्य में गौवंश के सम्मान और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गुजरात विधानसभा में “गुजरात राजमाता (गौमाता दर्जा, संरक्षण और कल्याण) विधेयक, 2025” पेश किया है। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में गौमाता को प्रतीकात्मक रूप से ‘राजमाता’ का सम्मानजनक दर्जा देने की मांग की गई है। कुछ समय पहले अहमदाबाद में जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की पावन उपस्थिति में आयोजित एक कार्यक्रम में अमित चावड़ा ने अतिथि के रूप में भाग लिया था। उस अवसर पर शंकराचार्य द्वारा शुरू किए गए ‘गौमाता राष्ट्रमाता’ अभियान का समर्थन करते हुए उन्होंने सार्वजनिक रूप से वादा किया था कि वे गौमाता के सम्मान और अधिकारों के लिए विधानसभा में आवाज उठाएंगे और इसके लिए आवश्यक कानून लाने का प्रयास करेंगे। अब उसी वचन को निभाते हुए उन्होंने यह विधेयक प्रस्तुत किया है। प्रस्तावित विधेयक में प्रावधान किया गया है कि राज्य के प्रत्येक जिले में विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की जाए, जो गौमाता के भोजन, आश्रय और स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी करें। इसके अलावा बीमार या अशक्त गौवंश को कत्लखानों में जाने से रोकने तथा उनके संरक्षण और कल्याण के लिए राज्य बजट से प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ रुपये का प्रावधान करने की भी मांग की गई है। अमित चावड़ा ने इस विधेयक के माध्यम से गौवंश की सुरक्षा के लिए मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने सत्ताधारी भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा ने गौमाता और सनातन के नाम पर वोट लेकर सरकार तो बना ली, लेकिन आज गौमाता की सबसे अधिक उपेक्षा हो रही है। उनके अनुसार, गौभक्ति का दावा करने वाली सरकार के शासन में आज गायें सड़कों पर प्लास्टिक और कचरा खाने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में गौवंश की हत्या और गोमांस निर्यात के मामले चिंताजनक स्तर तक पहुंच गए हैं, जो भाजपा की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करते हैं। चावड़ा ने कहा कि अब जब यह विधेयक विधानसभा में पेश किया गया है, तो सनातन के नाम पर चुने गए भाजपा प्रतिनिधियों को गौमाता के प्रति अपनी नैतिक प्रतिबद्धता साबित करनी होगी। यदि भाजपा वास्तव में गौ-रक्षक होने का दावा करती है, तो उसे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए। शंकराचार्य को दिया गया वचन निभाते हुए अमित चावड़ा ने अब इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को खुली चुनौती दे दी है। सतीश/13 मार्च