राज्य
13-Mar-2026
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भोपाल(ईएमएस)। एम्स भोपाल चिकित्सा सेवाओं, जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों और शोध कार्यों के माध्यम से आम नागरिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इसी क्रम में संस्थान के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के प्रो. (डॉ.) सूर्या बाली को सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व और महत्वपूर्ण योगदान के लिए इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन की राष्ट्रीय फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सिलवासा (दमन और दीव) में आयोजित प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया। इस सम्मेलन में देशभर के सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक और शोधकर्ता शामिल हुए और जनस्वास्थ्य से जुड़ी नई चुनौतियों तथा उनके समाधान पर चर्चा की गई। इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन की राष्ट्रीय फेलोशिप इस क्षेत्र के वरिष्ठ विशेषज्ञों को दिया जाने वाला एक महत्वपूर्ण सम्मान है। यह उन विशेषज्ञों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने नेतृत्व, शोध, शिक्षण और समुदाय के साथ काम करके जनस्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। प्रो. (डॉ.) सूर्य बाली को वर्ष 2025–2026 में दो अन्य प्रतिष्ठित फेलोशिप भी प्राप्त हुई हैं। इनमें बेलगावी, कर्नाटक में प्रदान की गई फेलोशिप ऑफ इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन तथा कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन, लंदन (यूनाइटेड किंगडम) द्वारा प्रदान की गई फेलो ऑफ कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन शामिल हैं। इससे पहले उन्हें डिजिटल स्वास्थ्य और टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए टेलीमेडिसिन सोसायटी ऑफ इंडिया की फेलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है। इसके साथ ही उन्हें सामाजिक समानता, नेतृत्व विकास और समाज के लिए कार्य करने के लिए फोर्ड फाउंडेशन (संयुक्त राज्य अमेरिका) की फेलोशिप भी प्राप्त हुई थी। इन सभी उपलब्धियों के साथ प्रो. (डॉ.) सूर्य बाली भारत के पहले व्यक्ति बन गए हैं जिन्हें सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र से जुड़ी ये पाँचों प्रतिष्ठित फेलोशिप प्राप्त हुई हैं। यह उपलब्धि उनके लंबे समय से किए जा रहे समर्पित कार्य, निरंतर प्रयास और जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रो. बाली को जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रमुख विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मजबूत बनाने, जनस्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा देने और शोध कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिजिटल स्वास्थ्य और टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में उनके प्रयासों ने तकनीक की मदद से दूर-दराज़ और वंचित क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने में भी मदद की है, जिससे आम लोगों को बेहतर इलाज और सलाह मिल पा रही है। हरि प्रसाद पाल / 13 मार्च, 2026