राष्ट्रीय
13-Mar-2026


मुंबई, (ईएमएस)। खाड़ी युद्ध का असर भारतीयों पर भी पड़ रहा है। इजरायल-अमेरिका का इरान के साथ चल रही जंग से पैदा हुए तनाव का सबसे ज्यादा असर समुद्री परिवहन पर पड़ा है। व्यापारी जहाजों पर हमलों में भारतीय नाविकों की मौत की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। खबर है कि इस जंग में एक और भारतीय नाविक की मौत हो गई। इराक के पास बसरा इलाके में अल-जुबैर पोर्ट के पास कार्गो लोडिंग ऑपरेशन के दौरान जहाज पर हुए ड्रोन हमले में एमटी सेफसी विष्णु पर सवार चीफ इंजीनियर देव आनंद प्रसाद सिंह (50) की मौत होने की जानकारी सामने आई है। दो दिन पहले पानी के अंदर हुए ड्रोन हमले में जहाज बुरी तरह डैमेज हो गया था। धमाका इतना पावरफुल था कि जहाज में भीषण आग लग गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात को एक्सप्लोसिव से लदी एक सफेद बिना ड्राइवर वाली नाव जहाज के स्टारबोर्ड साइड से टकरा गई। उसके बाद एक बड़ा धमाका हुआ और जहाज में आग लग गई। बदकिस्मती से, जहाज पर मौजूद चीफ इंजीनियर देव आनंद प्रसाद सिंह की आग में मौत हो गई। इस घटना के बाद जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर अपनी जान बचाने के लिए समुद्र में कूद गए। उसके बाद पास की एक टग बोट ने उन सभी को बचा लिया। आईसीएआर के कोस्ट गार्ड ने बाद में सभी 27 क्रू मेंबर को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया। इसमें 15 भारतीय और 12 फिलिपिन नागरिक शामिल हैं। मूल रूप से बिहार के रहने वाले देव आनंद प्रसाद सिंह 2019 से अपनी पत्नी कुमकुम और दो बच्चों के साथ मुंबई के पश्चिमी उपनगर कांदिवली इलाके में रह रहे थे। इस घटना के बाद से कुमकुम अपने दो बच्चों के साथ दिल्ली में अपने मायके में रह रही हैं। देव आनंद की मौत की खबर से पूरी बिल्डिंग में शोक की लहर दौड़ गई है। * फारस की खाड़ी में 28 भारतीय मर्चेंट शिप भारत के पोर्ट्स, शिपिंग और वाटरवेज़ मंत्रालय की दी गई जानकारी के मुताबिक, अभी फारस की खाड़ी में 28 भारतीय मर्चेंट शिप हैं। इन पर कुल 778 भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। खाड़ी देश भारत के अहम ट्रेडिंग पार्टनर हैं। इस इलाके से हर साल करीब 200 बिलियन डॉलर का ट्रेड होता है। इसलिए, इस इलाके में अस्थिरता और सप्लाई चेन में रुकावटें भी भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। * पहले भी हो चुकी है एक की मौत इससे पहले कांदिवली के महावीर नगर इलाके के रहने वाले 32 साल के दीक्षित अमृतलाल सोलंकी की भी मौत हो गई थी। ओमान में मस्कट के पास ड्रोन हमले में अपने बेटे के मारे जाने की खबर मिलने के बाद पूरा सोलंकी परिवार टूट गया है। दीक्षित शिप पर क्रू मेंबर के तौर पर काम कर रहे थे। बहरहाल इस जंग में मुंबई के दो लोगों की मौत ने भारत सरकार समेत आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। संजय/संतोष झा- १३ मार्च/२०२६/ईएमएस