* युवाओं को अनुशासन, परिश्रम और नशामुक्त जीवन का संदेश; कहा – “कर्म ही धर्म है, गलती छिपाना अपराध की शुरुआत” गांधीनगर (ईएमएस)| गांधीनगर स्थित लोकभवन में आयोजित “गुजरात राज्य भारत स्काउट्स-गाइड्स” के राज्य सम्मान समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने गुजरात के विभिन्न जिलों से आए स्काउट्स-गाइड्स तथा रोवर-रेंजर्स को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी जहां मोबाइल, टीवी और अन्य व्यसनों के प्रभाव में है, वहीं स्काउट्स-गाइड्स जैसे अनुशासित संगठन से जुड़े बच्चे वास्तव में सौभाग्यशाली हैं। कम उम्र में वृक्षारोपण, स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे कार्यों से जुड़ने से ये संस्कार जीवन का स्थायी हिस्सा बन जाते हैं। शास्त्रों में भी कहा गया है कि बचपन में बना स्वभाव जीवन के अंतिम क्षण तक बना रहता है। किशोरावस्था के शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों पर मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने कहा कि सातवीं कक्षा से लेकर कॉलेज तक की उम्र अत्यंत संवेदनशील होती है। इस उम्र में बच्चे दिल से अधिक और दिमाग से कम सोचते हैं। जो बच्चा अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखकर विवेकपूर्ण निर्णय लेता है, वही आगे चलकर सफलता के शिखर तक पहुंचता है। राज्यपाल ने बच्चों को निडर और पारदर्शी बनने की सीख देते हुए कहा कि मनुष्य से गलती होना स्वाभाविक है, लेकिन गलती छिपाना अपराध की दिशा में पहला कदम है। यदि कोई गलती हो जाए तो माता-पिता या गुरुजनों को तुरंत बताना चाहिए, इससे मन का बोझ हल्का होता है और गलत रास्ते पर जाने से बचाव होता है। ‘कर्म ही धर्म’ का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जैसे सोए हुए सिंह के मुंह में हिरण स्वयं प्रवेश नहीं करता, वैसे ही जीवन में सफलता पाने के लिए कठोर परिश्रम और तपस्वी जीवन आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को नशामुक्त जीवन और शुद्ध भोजन अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि जंक फूड और व्यसनों की बढ़ती प्रवृत्ति कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियों को आमंत्रण देती है। मां के हाथ का बना शुद्ध भोजन ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार है। पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि हमें केवल तीन वर्ष तक एक पेड़ की देखभाल करनी होती है, उसके बाद वही पेड़ जीवन भर हमें ऑक्सीजन देता है। पत्थर मारने वालों को भी फल देने वाले वृक्षों से हमें परोपकार की भावना सीखनी चाहिए। इस अवसर पर राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुजरात राज्य भारत स्काउट्स-गाइड्स के अध्यक्ष नितिन पटेल ने कहा कि राज्यपाल ने केवल लोकभवन तक सीमित न रहकर आदिवासी और दूरदराज़ क्षेत्रों में जाकर किसानों के घरों में भोजन किया है तथा गांवों की सरकारी प्राथमिक स्कूलों में रुककर प्राकृतिक खेती का व्यापक प्रचार किया है, जो अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में स्काउट-गाइड्स के लिए एक विशाल कम्युनिटी हॉल का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्काउट्स-गाइड्स की गतिविधियां जाति और समुदाय के भेदभाव से ऊपर उठकर “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को साकार करती हैं। गुजरात राज्य भारत स्काउट्स-गाइड्स के राज्य आयुक्त (स्काउट) हसमुख मोदी ने बताया कि राज्य में लगभग 40,000 स्काउट्स-गाइड्स सक्रिय हैं। वर्ष 2025-26 के लिए कुल 1,872 स्काउट-गाइड्स ने राज्य पुरस्कार प्राप्त किया है, जिनमें 1,032 स्काउट्स, 19 रोवर और 799 गाइड्स शामिल हैं। इस समारोह में 17 जिलों के कुल 815 बच्चों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह संस्था बच्चों में अनुशासन, सेवा, करुणा, नेतृत्व और राष्ट्रभाव जैसे गुणों का विकास करती है। समारोह के दौरान स्काउट्स-गाइड्स द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। कार्यक्रम में गुजरात राज्य भारत स्काउट-गाइड संघ की मुख्य आयुक्त सविता पटेल, वाइस पैट्रन तथा उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश कल्पेश झवेरी, राज्य आयुक्त (गाइड) अंजना चौधरी, उपाध्यक्ष दिलीप चौधरी, उपाध्यक्ष डाह्या पटेल और राज्य कोषाध्यक्ष छना पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सतीश/15 मार्च