गुना (ईएमएस)। जिले सामाजिक न्याय विभाग के भ्रष्टाचार की ऐसी शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की संवेदनशीलता और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार दिवसीय दौरे पर आए सिंधिया के सामने सोमवार को सर्किट हाउस में जब एक बेबस दिव्यांग ने गुहार लगाई, तो लगा कि अब उसकी राह आसान हो जाएगी। लेकिन किसे पता था कि अधिकारियों की कमीशनखोरी के चलते वह राहत महज चंद मिनटों का छलावा साबित होगी। आधे किलोमीटर में ही निकल गई भ्रष्ट पहिए की जान पुरानी छावनी निवासी दिव्यांग रामरतन ओझा सोमवार सुबह उम्मीद लेकर सिंधिया के पास पहुंचे थे। सिंधिया ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए सामाजिक न्याय विभाग को ट्रायसिकल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मौके पर ही ट्रायसिकल पाकर बुजुर्ग दिव्यांग की आँखों में खुशी के आंसू थे, लेकिन यह खुशी हनुमान चौराहे तक भी नहीं पहुंच सकी। सर्किट हाउस से निकलते ही महज 500 मीटर की दूरी पर ट्रायसिकल का पहिया रिम सहित टेढ़ा होकर बाहर निकल आया। बीच सडक़ पर बेबस बुजुर्ग काफी देर तक घिसटता और परेशान होता रहा। अधिकारियों की बेशर्म दलील, टक्कर को बताया वजह मामला तूल पकड़ते ही विभाग के अधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए झूठ का सहारा लेना शुरू कर दिया। महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी अब्दुल गफ्फार खान ने हास्यास्पद दलील देते हुए कहा कि किसी वाहन ने टक्कर मारी होगी, इसलिए पहिया टेढ़ा हुआ है। जबकि प्रत्यक्षदर्शी दुकानदारों का कहना है कि उनके सामने ही चलते-चलते घटिया क्वालिटी का पहिया मुड़ गया। किसी भी वाहन ने उसे टक्कर नहीं मारी। जनता में भारी आक्रोश, सिंधिया की छवि को धूमिल कर रहे अफसर केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में घटिया सामग्री का वितरण अधिकारियों के बेखौफ भ्रष्टाचार को उजागर करता है। जनता में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि जब केंद्रीय मंत्री के सामने दिए जाने वाले सामान की यह गुणवत्ता है, तो आम दिनों में गरीबों को क्या दिया जाता होगा? हालांकि, अधिकारी अब इसे गारंटी अवधि का हवाला देकर बदलने की बात कह रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि यदि वह बुजुर्ग बीच सडक़ पर हादसे का शिकार हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? यह घटना गुना प्रशासन के गाल पर एक जोरदार तमाचा है। सिंधिया ने मामले पर लिया कड़ा एक्शन, लाभार्थी को उपलब्ध कराई नई ट्राइसाइकिल इधर मामले को गंभीरता से लेते हुए श्री सिंधिया ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने इस मामले का संज्ञान लिया और तत्काल अधिकारियों को निर्देश देते हुए संबंधित ट्राइसाइकिल को बदलवाने और लाभार्थी को नई ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने को कहा। उनके निर्देशों के बाद प्रशासन द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए रामरतन ओझा के पास नई ट्राइसाइकिल पहुँचाई गई। केन्द्रीय मंत्री के निर्देश पर भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव स्वयं पहुंचे और उसे नई ट्राइसाइकिल मुहैया कराई। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं स्वीकार: सिंधिया केंद्रीय मंत्री ने इस घटना पर नाराजग़ी व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि दिव्यांगजन को दिए जाने वाले उपकरणों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी वितरित उपकरणों की गुणवत्ता की विस्तृत जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न न हो। केन्द्रीय मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार केंद्रीय मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि लाभार्थियों तक पहुँचने वाले सभी उपकरणों की गुणवत्ता और कार्यक्षमता की पूर्व जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि दिव्यांगजनों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ सम्मानपूर्वक और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुँचे। इनका कहना है यह मामला हमारे संज्ञान में आया है। कल कुछ दिव्यांगजन केंद्रीय मंत्री सिंधिया जी से मिले थे। उनके द्वारा ट्रायसिकिल की मांग की गई थी। जिस पर इमरजेंसी में सामाजिक न्याय विभाग को बोला गया था। जिस पर उन्होंने ट्रायसिकिल की व्यवस्था की थी। मेरे भी संज्ञान में मामला आया है। हमाने तत्काल उन्हें नई ट्रायसिकिल उपलब्ध कराई है और उनसे क्षमा भी मांगी है। इसमें कई तथ्य सामने आए है कुछ लोग कह रहे हैं कि वाहन ने टक्कर मारी है कुछ कह रहे हैं अचानक पहिया टूटा है। हमने इस संबंध में सामाजिक न्याय विभाग को जांच के आदेश दिए हैं।- किशोर कन्याल, कलेक्टर गुना - सीताराम नाटानी